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जयशंकर-कूपर वार्ता: भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पर चर्चा, CETA और रक्षा रोडमैप की समीक्षा

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जयशंकर-कूपर वार्ता: भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पर चर्चा, CETA और रक्षा रोडमैप की समीक्षा

सारांश

नई दिल्ली में जयशंकर-कूपर बैठक महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह CETA के बाद पहली उच्चस्तरीय समीक्षा थी। विजन 2035 के पाँच स्तंभों पर ठोस प्रगति, यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल की भारत में एंट्री और रक्षा रोडमैप — यह संकेत देता है कि भारत-ब्रिटेन संबंध ऐतिहासिक जुड़ाव से आगे बढ़कर व्यावहारिक साझेदारी की शक्ल ले रहे हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 5 जून 2025 को नई दिल्ली में ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर से द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक में भारत-ब्रिटेन विजन 2035 के पाँच स्तंभों — विकास, तकनीक, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा — पर चर्चा हुई।
व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) पर हस्ताक्षर, रक्षा उद्योग रोडमैप और जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फंड को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के भारत में परिसर खोलने के निर्णय की घोषणा इसी बैठक के दौरान की गई।
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उच्चायुक्त पी.
कुमारन भी उपस्थित रहे।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 5 जून 2025 को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक नए, भविष्योन्मुखी और आपसी लाभ पर आधारित साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। यह बैठक भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और विजन 2035 के पाँच स्तंभों पर आगे की राह तय करने के उद्देश्य से हुई।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

इस उच्चस्तरीय वार्ता में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक ढाँचे पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य घटनाक्रम: पिछले एक साल की उपलब्धियाँ

जयशंकर ने पिछले एक वर्ष में हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुलाई 2024 में ब्रिटेन दौरे और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अक्टूबर 2024 में भारत दौरे ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई दी।

उन्होंने कहा, "पिछले साल हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सच में कुछ खास विकास हुए, जिसकी पहचान कुछ ही महीनों के अंदर प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर के दो-तरफा दौरे से हुई। व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) पर हस्ताक्षर करने और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अपनाने के साथ ही रक्षा उद्योग का रोडमैप भी बना।"

विजन 2035 के पाँच स्तंभ

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आज की बैठक भारत-ब्रिटेन विजन 2035 के पाँच प्रमुख स्तंभों — विकास, तकनीक और इनोवेशन, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा, तथा शिक्षा — पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का संबंध अब केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह साझा आर्थिक लक्ष्यों और उच्च तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले मार्ग में बदल गया है।

जयशंकर के अनुसार, व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) मज़बूत सप्लाई चेन निर्माण, व्यापार, ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में सहायक होगा।

विजन 2035 पर ताज़ा प्रगति

विदेश मंत्री ने विजन 2035 के तहत हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें CETA पर हस्ताक्षर, तकनीकी सुरक्षा पहल, रक्षा उद्योग रोडमैप, जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फंड, ऑफशोर विंड एनर्जी टास्क फोर्स और ब्रिटिश विश्वविद्यालयों का भारत में विस्तार शामिल है। उन्होंने विशेष रूप से यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के भारत में परिसर खोलने के निर्णय का उल्लेख किया, जिसकी घोषणा इसी बैठक के दौरान की गई।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बीच भारत अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ संबंधों को व्यापार और प्रौद्योगिकी के धरातल पर और मज़बूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि CETA पर हस्ताक्षर के बाद यह पहली उच्चस्तरीय बैठक है, जो समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग के नए अवसर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। रक्षा रोडमैप और तकनीकी सुरक्षा पहल जैसे फ्रेमवर्क तब तक कागज़ी रहते हैं जब तक उनमें बजट, समयसीमा और जवाबदेही तंत्र नहीं जुड़ता। यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल का भारत आना शिक्षा स्तंभ के लिए ठोस कदम है, पर ऑफशोर विंड और क्लाइमेट टेक फंड की वास्तविक प्रगति अभी सार्वजनिक नहीं है। भारत की विदेश नीति में यह बहु-संरेखण रणनीति का हिस्सा है — पर ब्रिटेन के साथ गहराई तभी आएगी जब दोनों पक्ष प्रतिबद्धताओं को मापने योग्य लक्ष्यों में बदलें।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और यवेट कूपर की बैठक में क्या हुआ?
5 जून 2025 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा हुई और विजन 2035 के पाँच स्तंभों — विकास, तकनीक, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा — पर चर्चा की गई। CETA के क्रियान्वयन और यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के भारत में परिसर की घोषणा भी इस बैठक की प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं।
भारत-ब्रिटेन CETA क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
CETA यानी व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता है। जयशंकर के अनुसार, यह मज़बूत सप्लाई चेन निर्माण और व्यापार, ऊर्जा, खाद्य तथा आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में सहायक होगा।
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 क्या है?
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी का एक रोडमैप है, जो पाँच स्तंभों पर आधारित है: विकास, तकनीक और इनोवेशन, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा, तथा शिक्षा। इसका लक्ष्य दोनों देशों के संबंधों को ऐतिहासिक जुड़ाव से आगे ले जाकर व्यावहारिक और आर्थिक साझेदारी में बदलना है।
यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल भारत में कब आएगी?
यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के भारत में परिसर खोलने के निर्णय की घोषणा 5 जून 2025 को जयशंकर-कूपर बैठक के दौरान की गई। विस्तृत समयसीमा और स्थान के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में पिछले एक साल में क्या बड़े बदलाव आए हैं?
पिछले एक वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी का जुलाई 2024 में ब्रिटेन दौरा और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का अक्टूबर 2024 में भारत दौरा हुआ। इसके अलावा CETA पर हस्ताक्षर, रक्षा उद्योग रोडमैप, जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फंड और ऑफशोर विंड एनर्जी टास्क फोर्स का गठन भी इसी अवधि की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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