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जयशंकर-मिलिबैंड की मनीला में पहली मुलाकात, भारत-यूके सीईटीए के बाद रणनीतिक साझेदारी पर जोर

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जयशंकर-मिलिबैंड की मनीला में पहली मुलाकात, भारत-यूके सीईटीए के बाद रणनीतिक साझेदारी पर जोर

सारांश

मनीला में जयशंकर और ब्रिटेन के नवनियुक्त विदेश सचिव एड मिलिबैंड की पहली मुलाकात ने भारत-यूके सीईटीए लागू होने के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और विजन 2035 के लक्ष्यों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में ब्रिटेन के नए विदेश सचिव एड मिलिबैंड से पहली बार मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-यूके सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू; भारत के 99% निर्यात को ब्रिटेन में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा।
एड मिलिबैंड को सोमवार को विदेश सचिव नियुक्त किया गया; वे जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा मंत्री रहे।
ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन: एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला; PM मोदी ने बधाई दी।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में ब्रिटेन के नवनियुक्त विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के सचिव एड मिलिबैंड से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं के बीच अपने-अपने पद पर रहते हुए पहली द्विपक्षीय बैठक थी। इस बैठक में हाल ही में 15 जुलाई 2026 से लागू हुए भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के मुख्य बिंदु

दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मनीला में ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से पहली मुलाकात हुई। उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। भारत-यूके एफटीए के लागू होने से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी।'

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को ही जयशंकर ने मिलिबैंड को उनकी नई नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा था कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है और वे दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के इच्छुक हैं।

एड मिलिबैंड: नया चेहरा, नई भूमिका

एड मिलिबैंड मई 2005 से डोनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं। उन्हें सोमवार को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। इससे पहले वे जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्यरत रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है — एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है।

भारत-यूके सीईटीए: क्या है इसका महत्व

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि भारत-यूके सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभाव में आ गए हैं। सरकार के अनुसार, इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाज़ार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों में 'एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर' बताया था, और कहा था कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों, निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया और विजन 2035

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम को बधाई देते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सीईटीए के लागू होने से विजन 2035 के लक्ष्यों को नई गति मिलेगी।

आगे क्या

मनीला में हुई यह मुलाकात दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संवाद की नई शुरुआत मानी जा रही है। सीईटीए के क्रियान्वयन के साथ-साथ रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में भी सहयोग को विस्तार देने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारत के लिए एक दशक से अधिक की कूटनीतिक कोशिशों का नतीजा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ब्रिटेन में नई सरकार — जिसमें मिलिबैंड जैसे नेता हैं जिनकी पृष्ठभूमि ऊर्जा नीति में है — व्यापार से आगे बढ़कर रक्षा और प्रौद्योगिकी में भी भारत के साथ ठोस साझेदारी बना पाती है। विजन 2035 के लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन उनकी सफलता क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और एड मिलिबैंड की मनीला में मुलाकात क्यों हुई?
यह दोनों नेताओं की अपने-अपने पद पर रहते हुए पहली द्विपक्षीय बैठक थी, जो 24 जुलाई 2026 को मनीला में हुई। इसमें हाल ही में लागू हुए भारत-यूके सीईटीए के बाद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत-यूके सीईटीए क्या है और यह कब लागू हुआ?
भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसके तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाज़ार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य कवर होगा।
एड मिलिबैंड कौन हैं और उन्हें कब नियुक्त किया गया?
एड मिलिबैंड मई 2005 से डोनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं और उन्हें सोमवार को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के सचिव नियुक्त किया गया। इससे पहले वे जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री रह चुके हैं।
ब्रिटेन में हाल ही में कौन-सा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है?
कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद एंडी बर्नहैम ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत-ब्रिटेन साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
विजन 2035 क्या है और इसका भारत-यूके संबंधों से क्या संबंध है?
विजन 2035 भारत और ब्रिटेन के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का रोडमैप है, जिसमें व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि सीईटीए के लागू होने से इन लक्ष्यों को नई गति मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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