जयशंकर-मिलिबैंड की मनीला में पहली मुलाकात, भारत-यूके सीईटीए के बाद रणनीतिक साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में ब्रिटेन के नवनियुक्त विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के सचिव एड मिलिबैंड से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं के बीच अपने-अपने पद पर रहते हुए पहली द्विपक्षीय बैठक थी। इस बैठक में हाल ही में 15 जुलाई 2026 से लागू हुए भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के मुख्य बिंदु
दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मनीला में ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से पहली मुलाकात हुई। उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। भारत-यूके एफटीए के लागू होने से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी।'
गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को ही जयशंकर ने मिलिबैंड को उनकी नई नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा था कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है और वे दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के इच्छुक हैं।
एड मिलिबैंड: नया चेहरा, नई भूमिका
एड मिलिबैंड मई 2005 से डोनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं। उन्हें सोमवार को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। इससे पहले वे जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्यरत रहे थे।
यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है — एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है।
भारत-यूके सीईटीए: क्या है इसका महत्व
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि भारत-यूके सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभाव में आ गए हैं। सरकार के अनुसार, इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाज़ार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों में 'एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर' बताया था, और कहा था कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों, निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
सरकार की प्रतिक्रिया और विजन 2035
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम को बधाई देते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सीईटीए के लागू होने से विजन 2035 के लक्ष्यों को नई गति मिलेगी।
आगे क्या
मनीला में हुई यह मुलाकात दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संवाद की नई शुरुआत मानी जा रही है। सीईटीए के क्रियान्वयन के साथ-साथ रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में भी सहयोग को विस्तार देने की उम्मीद है।