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जयशंकर ने एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने पर दी बधाई, CETA का किया जिक्र

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जयशंकर ने एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने पर दी बधाई, CETA का किया जिक्र

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर ने एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने पर बधाई देते हुए CETA और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी का जिक्र किया। ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में गहरे अनुभव वाले मिलिबैंड की नियुक्ति दोनों देशों के बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग के लिए अहम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 21 जुलाई 2026 को एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी।
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि CETA के लागू होने सहित भारत-ब्रिटेन साझेदारी ने मजबूत गति हासिल की है।
एड मिलिबैंड 2010 से 2015 तक लेबर पार्टी के नेता और 2024 से 2026 तक ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री रहे।
मिलिबैंड ने 2008 के क्लाइमेट चेंज एक्ट को लागू करने में अहम भूमिका निभाई थी।
मिलिबैंड ने भारत के मनोहर लाल के साथ चौथे भारत-ब्रिटेन ऊर्जा संवाद की सह-अध्यक्षता की थी; यूके-इंडिया ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना हो चुकी है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को एड मिलिबैंड को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। जयशंकर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वह मिलिबैंड के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

जयशंकर का एक्स पर संदेश

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई। हाल के वर्षों में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने मजबूत गति हासिल की है, जिसमें सीईटीए (CETA) का लागू होना भी शामिल है। इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने की प्रतीक्षा में है।' यह बधाई संदेश ऐसे समय आया है जब भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, ऊर्जा और जलवायु क्षेत्रों में सहयोग नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।

एड मिलिबैंड: एक परिचय

एड मिलिबैंड को सोमवार, 20 जुलाई 2026 को ब्रिटेन के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। वह मई 2005 में डॉनकास्टर नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक वह ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।

इससे पहले मिलिबैंड 2007 में कैबिनेट ऑफिस मंत्री और 2008 से 2010 तक ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रहे। इसी भूमिका में उन्होंने 2008 के ऐतिहासिक 'क्लाइमेट चेंज एक्ट' को लागू करने में अहम योगदान दिया, जिसके तहत ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बना जिसने जलवायु लक्ष्यों को कानूनी रूप दिया। 2010 से 2015 तक वह लेबर पार्टी के नेता और ब्रिटिश संसद में विपक्ष के नेता भी रहे।

भारत-ब्रिटेन ऊर्जा सहयोग में मिलिबैंड की भूमिका

गौरतलब है कि जब मिलिबैंड ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री थे, तब उन्होंने भारत के केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास तथा शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल के साथ चौथे भारत-ब्रिटेन ऊर्जा संवाद की सह-अध्यक्षता की थी। इस संवाद में दोनों देशों के ऊर्जा क्षेत्र — विशेष रूप से बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा — में हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

दोनों देशों ने समुद्री पवन ऊर्जा के विकास को लेकर साझा प्रतिबद्धता जताते हुए यूके-इंडिया ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना का ऐलान किया था। यह टास्कफोर्स दोनों देशों में समुद्री पवन ऊर्जा से जुड़े इकोसिस्टम, सप्लाई चेन और वित्तीय मॉडल के विकास पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। बैठक में समुद्री पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े व्यापार मिशनों और ब्रिटेन की एनर्जी सिस्टम्स कैटापल्ट तथा भारत की पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के बीच सहयोग पर भी चर्चा हुई थी।

आगे की राह

मिलिबैंड की विदेश मंत्री के रूप में नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। CETA के लागू होने के बाद द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में मिलिबैंड का व्यापक अनुभव भारत-ब्रिटेन हरित साझेदारी को और मज़बूत कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आर्थिक धरातल पर भी परखना चाहता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री कब नियुक्त किया गया?
एड मिलिबैंड को 20 जुलाई 2026 को ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। इससे पहले वह जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री थे।
जयशंकर ने मिलिबैंड को बधाई देते हुए क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में मजबूत गति हासिल की है, जिसमें CETA का लागू होना भी शामिल है। उन्होंने मिलिबैंड के साथ इस सहयोग को आगे बढ़ाने की उत्सुकता जताई।
भारत-ब्रिटेन ऊर्जा सहयोग में एड मिलिबैंड की क्या भूमिका रही है?
जब मिलिबैंड ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री थे, तब उन्होंने भारत के मंत्री मनोहर लाल के साथ चौथे भारत-ब्रिटेन ऊर्जा संवाद की सह-अध्यक्षता की थी। इसी दौरान यूके-इंडिया ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना का ऐलान हुआ था।
एड मिलिबैंड का राजनीतिक करियर कैसा रहा है?
एड मिलिबैंड मई 2005 से डॉनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं। वह 2010 से 2015 तक लेबर पार्टी के नेता और ब्रिटिश संसद में विपक्ष के नेता रहे। 2008 के ऐतिहासिक 'क्लाइमेट चेंज एक्ट' को लागू करने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय मानी जाती है।
CETA क्या है और भारत-ब्रिटेन संबंधों में इसका क्या महत्व है?
CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement) भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता है, जिसके लागू होने से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति मिली है। जयशंकर ने मिलिबैंड को बधाई देते हुए इसका विशेष उल्लेख किया, जो भारत की इस साझेदारी को आर्थिक धरातल पर मजबूत करने की प्राथमिकता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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