क्या एस. जयशंकर ने कनाडाई समकक्ष से आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एस. जयशंकर ने कनाडाई समकक्ष से आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की?

सारांश

कनाड़ा और भारत के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अनीता आनंद ने महत्वपूर्ण बातचीत की। यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों के विकास के लिए एक नया कदम है।

मुख्य बातें

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भारतीय समकक्ष से मुलाकात की।
दोनों देशों के बीच साझा रोडमैप का ऐलान किया गया।
भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट २०२६ का आयोजन होगा।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

नई दिल्ली, २६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ नई दिल्ली में मुलाकात की। सोमवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने यह जानकारी साझा की।

दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एस. जयशंकर ने कहा, "आज सुबह कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ आपसी सहयोग को और गहरा करने और उच्च स्तरीय मुद्दों पर अच्छी बातचीत हुई।"

पिछले वर्ष जून में जी7 समिट के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद भारत और कनाडा के बीच संबंध और भी मजबूत हो रहे हैं।

दोनों देशों ने अपने हाई कमिश्नरों को पुनः बहाल किया और भविष्य में सहयोग के लिए एक साझा रोडमैप का भी ऐलान किया। यह घोषणा विदेश मंत्री अनीता आनंद के १२-१४ अक्टूबर, २०२५ के भारत दौरे के दौरान की गई थी।

इससे पूर्व १७ जनवरी को कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात की थी। उन्होंने भारत और कनाडा के बीच नए अवसरों को खोलने और रिश्तों को गहरा करने के लिए लगातार जुड़ाव की अहमियत को बताया।

एक्स पर केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा था कि डेविड एबी के साथ उनकी बैठक अच्छी रही। उन्होंने बताया, "बातचीत भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ाने, और आवश्यक खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा, रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर आधारित थी।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने नए अवसरों को प्राप्त करने और दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करने के लिए निरंतर जुड़ाव के महत्व को दोहराया।"

बाद में, २१ जनवरी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, कनाडा के टोरंटो में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने 'इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग २०२६' का आयोजन किया। इसमें साझा आर्थिक और सामाजिक फायदों के लिए आपसी सहयोग के महत्व पर बल दिया गया।

यह उच्चस्तरीय बातचीत कनाडा के ओंटारियो में वाटरलू विश्वविद्यालय, इंडिया टेक काउंसिल और जोहो इंक के साथ साझेदारी में आयोजित की गई थी। टोरंटो में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल के अनुसार, यह बातचीत ग्लोबल साउथ में सबसे बड़े एआई समिट्स में से एक है।

इसका आयोजन भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में १९-२० फरवरी को होने वाले 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट २०२६' से पहले किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनाडा की विदेश मंत्री का नाम क्या है?
कनाडा की विदेश मंत्री का नाम अनीता आनंद है।
एस. जयशंकर ने किससे मुलाकात की?
एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की।
भारत और कनाडा के बीच हालिया बातचीत का उद्देश्य क्या था?
भारत और कनाडा के बीच हालिया बातचीत का उद्देश्य आपसी सहयोग को मजबूत करना था।
क्या इस मुलाकात से भारत और कनाडा के संबंध मजबूत होंगे?
जी हाँ, इस मुलाकात से भारत और कनाडा के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले