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क्या कीर स्टार्मर संग पीएम मोदी की बैठक में भारत-ब्रिटेन के बीच शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में समझौते हुए?

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क्या कीर स्टार्मर संग पीएम मोदी की बैठक में भारत-ब्रिटेन के बीच शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में समझौते हुए?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, शिक्षा, और तकनीकी क्षेत्रों में कई समझौतों पर सहमति बनी। जानिए इस बैठक के मुख्य बिंदु।

मुख्य बातें

भारत-यूके सीईओ फोरम का पुनर्गठन नई शिक्षा पहल की शुरुआत जलवायु प्रौद्योगिकी में निवेश आर्थिक विकास के नए अवसर सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती

मुंबई, 9 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुंबई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। यह कीर स्टार्मर की भारत की पहली यात्रा है। इस बैठक के दौरान, भारत और ब्रिटेन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

टेक्नोलॉजी और नवाचार क्षेत्र में चार प्रमुख समझौते हुए, जिनमें भारत-यूके कनेक्टिविटी और इनोवेशन सेंटर की स्थापना, एआई के लिए भारत-यूके का संयुक्त केंद्र, यूके-भारत क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का चरण-दो, और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में एक नया सैटेलाइट कैंपस स्थापित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रीन तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स इंडस्ट्री गिल्ड की स्थापना हेतु भी समझौता हुआ है।

शिक्षा क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी, जिसमें लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी का बेंगलुरु में कैंपस खोलने के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' का हस्तांतरण और यूनिवर्सिटी ऑफ सरी का गुजरात की जीआईएफटी सिटी में कैंपस खोलने के लिए मंजूरी शामिल है।

व्यापार और निवेश के क्षेत्र में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें पुनर्गठित भारत-यूके सीईओ फोरम की उद्घाटन बैठक, भारत-यूके संयुक्त आर्थिक व्यापार समिति (जेईटीसीओ) का पुनर्गठन, जो सीईटीए के कार्यान्वयन में सहायता करेगा, और दोनों देशों में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।

क्लाइमेट तकनीकी स्टार्टअप फंड में एक संयुक्त निवेश का समझौता भी हुआ, जो जलवायु प्रौद्योगिकी और एआई जैसे क्षेत्रों में नवोन्मेषी उद्यमियों को समर्थन देने के लिए ब्रिटेन सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के बीच एक रणनीतिक पहल है।

इसके अलावा, जलवायु, स्वास्थ्य और अनुसंधान क्षेत्रों में भी तीन महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई, जिनमें बायो-मेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम के चरण-तीन का शुभारंभ और ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, भारत के आईसीएमआर और ब्रिटेन के एनआईएचआर के बीच स्वास्थ्य अनुसंधान पर 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री स्टार्मर और मैंने हमारे देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों पर चर्चा की। भारत-यूके सीईटीए युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, व्यापार का विस्तार करेगा और हमारे उद्योगों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभान्वित करेगा।"

उन्होंने आगे लिखा, "हमारी बातचीत में प्रमुखता से शामिल हुए अन्य मुद्दों में टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एआई और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल थे। विभिन्न ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर से मिलकर भी हमें बहुत खुशी हुई। हम ब्रिटेन के साथ शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को और आगे बढ़ाते रहेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में समझौतों से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बैठक में कितने समझौते हुए?
इस बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच कुल 9 महत्वपूर्ण समझौते हुए।
क्या समझौते शिक्षा क्षेत्र से संबंधित थे?
हाँ, इस बैठक में शिक्षा क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी, जिनमें लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ सरी का कैंपस खोलना शामिल है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना था।
राष्ट्र प्रेस
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