जी-7 शिखर सम्मेलन: PM मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज की द्विपक्षीय बैठक, व्यापार-रक्षा सहयोग को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून 2025 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से द्विपक्षीय बैठक की। इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी, जिसमें व्यापार, रक्षा, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर केंद्रित चर्चा हुई। दोनों देश इस समय अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और इसे मिली नई गति पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, हरित एवं सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ हुई बातचीत बहुत ही सकारात्मक और उपयोगी रही। हमने इस बात पर चर्चा की कि व्यापार, निवेश, सर्कुलर इकोनॉमी, रक्षा, आईटी और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करके हम अपने द्विपक्षीय सहयोग को और कैसे मज़बूत बना सकते हैं। हमने यह भी बात की कि हमारे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और बेहतर और मज़बूत कैसे किया जा सकता है।'
रक्षा और व्यापार पर अहम फैसले
बैठक में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया गया। इसके अलावा जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीज़ा छूट व्यवस्था लागू होने को भी दोनों नेताओं ने सराहा। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र लागू करने से भारत-जर्मनी संबंध और गहरे होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज की भारत यात्रा और इस वर्ष भारत-EU FTA वार्ता के सफलतापूर्वक संपन्न होने का भी स्वागत किया।
वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। इसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे संवेदनशील विषय शामिल थे। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आगे क्या होगा
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने प्रधानमंत्री मोदी को इस वर्ष के अंत में जर्मनी में आयोजित होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श बैठक (IGC) में भाग लेने का निमंत्रण दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में नई ऊर्जा आने की बात कही। गौरतलब है कि यह बैठक भारत-जर्मनी संबंधों के 75 वर्षों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।