जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय वार्ता, ईरान शांति समझौते और होर्मुज सुरक्षा पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में ईरान के साथ शांति समझौते की प्रगति, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सलामती जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। पिछले वर्ष वाशिंगटन में मिले थे। उसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में नई गति और बहुत ऊर्जा आई है।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने मिलकर जो लक्ष्य तय किए थे, उन्हें पूरा करने के लिए लगातार तेज़ी से प्रयास जारी हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'बहुत अच्छी बातचीत' हुई और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते समेत कई मोर्चों पर काम आगे बढ़ रहा है।
ईरान समझौते पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में हुई प्रगति के लिए ट्रंप की सराहना करते हुए कहा, 'आपके इन प्रयासों के कारण पश्चिम एशिया में शांति की एक नई किरण नज़र आ रही है। हम आशा करते हैं कि यह शांति बनी रहेगी।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान के साथ परमाणु और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति नए मोड़ पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा
बैठक का एक केंद्रीय बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत रही। मोदी ने ट्रंप से कहा, 'आप और मैं दोनों यह अच्छी तरह समझते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना विश्व के लिहाज़ से कितना ज़रूरी है — यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है।' होर्मुज से होकर दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और इसकी नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को सीधे प्रभावित कर सकती है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 'मैरीटाइम ट्रेड की दुनिया में भारत के लाखों सी-फेरर विश्व के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं दे रहे हैं और विश्व की प्रगति में बड़ा योगदान दे रहे हैं — उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में समुद्री जहाजों और उनमें सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आगे क्या
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और दोनों नेताओं की यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जी-7 के बाकी एजेंडे और बहुपक्षीय सत्रों में भी भारत की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई।