11 अगस्त 2026
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जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय वार्ता, ईरान शांति समझौते और होर्मुज सुरक्षा पर बनी सहमति

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जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय वार्ता, ईरान शांति समझौते और होर्मुज सुरक्षा पर बनी सहमति

सारांश

फ्रांस के एवियन में जी-7 सम्मेलन के मंच पर मोदी और ट्रंप की मुलाकात महज़ औपचारिकता नहीं थी — भारत ने होर्मुज की खुली पहुँच और लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ईरान समझौते से सीधे जोड़ा, जो भारत की समुद्री रणनीतिक प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की।
मोदी ने मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की और ईरान समझौते में समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की ज़रूरत पर दोनों नेताओं ने सहमति जताई, इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य बताया।
मोदी ने विश्वभर में सेवारत भारतीय नाविकों (सी-फेरर) की सुरक्षा का मुद्दा सीधे ट्रंप के सामने उठाया।
ट्रंप ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर काम जारी है और दोनों देशों के बीच कई मोर्चों पर प्रगति हो रही है।

फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में ईरान के साथ शांति समझौते की प्रगति, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सलामती जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। पिछले वर्ष वाशिंगटन में मिले थे। उसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में नई गति और बहुत ऊर्जा आई है।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने मिलकर जो लक्ष्य तय किए थे, उन्हें पूरा करने के लिए लगातार तेज़ी से प्रयास जारी हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'बहुत अच्छी बातचीत' हुई और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते समेत कई मोर्चों पर काम आगे बढ़ रहा है।

ईरान समझौते पर भारत का रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में हुई प्रगति के लिए ट्रंप की सराहना करते हुए कहा, 'आपके इन प्रयासों के कारण पश्चिम एशिया में शांति की एक नई किरण नज़र आ रही है। हम आशा करते हैं कि यह शांति बनी रहेगी।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान के साथ परमाणु और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति नए मोड़ पर है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा

बैठक का एक केंद्रीय बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत रही। मोदी ने ट्रंप से कहा, 'आप और मैं दोनों यह अच्छी तरह समझते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना विश्व के लिहाज़ से कितना ज़रूरी है — यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है।' होर्मुज से होकर दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और इसकी नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को सीधे प्रभावित कर सकती है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ज़ोर

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 'मैरीटाइम ट्रेड की दुनिया में भारत के लाखों सी-फेरर विश्व के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं दे रहे हैं और विश्व की प्रगति में बड़ा योगदान दे रहे हैं — उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में समुद्री जहाजों और उनमें सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

आगे क्या

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और दोनों नेताओं की यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जी-7 के बाकी एजेंडे और बहुपक्षीय सत्रों में भी भारत की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अपनी समुद्री व्यापार सुरक्षा के नज़रिए से देख रहा है — यह सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण अंतर है। गौरतलब है कि भारत खाड़ी क्षेत्र से अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है और लाखों भारतीय वहाँ कार्यरत हैं। ट्रंप के 'बहुत अच्छी बातचीत' वाले बयान से व्यापार वार्ता में गर्मजोशी का संकेत मिलता है, लेकिन ठोस समझौते की रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि भारत ने इस मंच पर अपनी समुद्री रणनीतिक चिंताओं को बहुपक्षीय कूटनीति के साथ कुशलता से जोड़ा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी-7 सम्मेलन में मोदी और ट्रंप की बैठक में क्या हुआ?
17 जून को फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें ईरान शांति समझौते, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, भारतीय नाविकों की सलामती और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा हुई।
PM मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का ज़िक्र क्यों किया?
होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और भारत की ऊर्जा आपूर्ति इस पर निर्भर है। मोदी ने ट्रंप से कहा कि इस जलमार्ग का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है और ईरान समझौते में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
मोदी ने ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों का मुद्दा क्यों उठाया?
भारत के लाखों सी-फेरर (नाविक) दुनियाभर के समुद्री व्यापार मार्गों पर सेवाएं देते हैं। मोदी ने ट्रंप से आग्रह किया कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में समुद्री जहाजों और उनमें सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
ट्रंप ने मोदी के साथ बैठक पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'बहुत अच्छी बातचीत' हुई। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते समेत कई मोर्चों पर काम जारी है।
जी-7 सम्मेलन में भारत की क्या भूमिका थी?
भारत जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन एवियन शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने द्विपक्षीय बैठकों और बहुपक्षीय सत्रों में सक्रिय भागीदारी की, जिसमें मोदी-ट्रंप वार्ता सबसे अहम रही।
राष्ट्र प्रेस
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