मोदी-ट्रंप की फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक: व्यापार डील 'बहुत करीब', 9 अहम मुद्दों पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 18 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के इतर एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापार समझौते से लेकर पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति तक 9 प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह दोनों नेताओं के बीच 2025 की वाशिंगटन वार्ता के बाद पहली औपचारिक द्विपक्षीय बैठक थी, जिसने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई को रेखांकित किया।
व्यापार समझौते पर बड़ा संकेत
बैठक से सबसे मजबूत संकेत व्यापार मोर्चे पर आया। जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि भारत-अमेरिका व्यापार डील कितनी दूर है, तो उन्होंने कहा — "बहुत करीब।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को "सबसे मुश्किल नेगोशिएटर में से एक" बताया, जो दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता की जटिलता और गंभीरता दोनों को दर्शाता है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार हाल के वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है और एक व्यापक समझौते की संभावना दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दूरगामी महत्व रखती है।
रक्षा सहयोग और सुरक्षा प्रतिबद्धता
राष्ट्रपति ट्रंप ने रक्षा संबंधों पर स्पष्ट और मज़बूत रुख अपनाते हुए कहा, "अगर उन पर हमला होता है, तो हम उनकी मदद के लिए वहाँ होंगे।" यह बयान भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक पुष्टि है। इसके साथ ही ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पश्चिम एशिया, होर्मुज और भारतीय नाविक
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने के लिए ट्रंप के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "राष्ट्रपति, आपकी कोशिशों की वजह से इस इलाके में शांति और स्थिरता की नई उम्मीद फिर से जगी है।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब ट्रंप ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर एक नई कूटनीतिक समझ के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रहे हैं।
दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की साझा प्राथमिकता पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा, "आप और मैं इस बात पर सहमत हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है।" भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए इस जलमार्ग पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे यह मुद्दा भारतीय नीति-निर्माताओं के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है।
मोदी ने ग्लोबल शिपिंग रूट पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विशेष चिंता जताई और कहा, "उनकी सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है।" उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए एक अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, "हम उन सभी लोगों से प्यार करते हैं, वे बहुत अच्छे लोग हैं।"
भारत की वैश्विक भूमिका, ऊर्जा और प्रतिभा
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या भारत पश्चिम एशिया में कोई भूमिका निभा सकता है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत हर चीज़ में एक बड़ी भूमिका निभाता है। जब तक वह (पीएम मोदी) नेता हैं, भारत एक बड़ी भूमिका निभाएगा।" यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है।
ऊर्जा सहयोग के सवाल पर ट्रंप ने कहा, "भारत हमारे साथ कुछ भी कर सकता है। हमारे बीच सबसे अच्छे संबंध हैं।" अमेरिका में कार्यरत प्रतिभाशाली भारतीय पेशेवरों के बारे में ट्रंप ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा, "रोज़गार के मामले में भारत के साथ हमारे हमेशा से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। यहाँ के लोग बहुत टैलेंटेड हैं।"
आगे क्या
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि वे भविष्य में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं। अपने पिछले दौरे को याद करते हुए उन्होंने कहा, "हम भविष्य में फिर भारत जाएँगे।" दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा तक फैली इस साझेदारी में निरंतरता पर बल दिया। व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा और होर्मुज सुरक्षा पर संयुक्त रणनीति अब दोनों देशों के राजनयिक एजेंडे में सबसे ऊपर है।