ट्रंप का बड़ा बयान: भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका देगा साथ, व्यापार समझौते पर भी सहमति के करीब
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 जून 2025 को फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान स्पष्ट किया कि यदि भारत पर कोई हमला होता है, तो अमेरिका उसकी मदद के लिए खड़ा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने यह भी बताया कि दोनों देश एक व्यापार समझौते के बेहद करीब पहुँच चुके हैं। यह बयान भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी के संदर्भ में ट्रंप के अब तक के सबसे मुखर सार्वजनिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा संबंधों पर ट्रंप का स्पष्ट संकेत
जब ट्रंप से भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा रिश्ता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक सुरक्षा संधि नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यदि भारत पर हमला होता है तो अमेरिका उसकी मदद अवश्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नया नेता होगा तो वे उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते — यह टिप्पणी मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत विश्वास को रेखांकित करती है।
व्यापार समझौते पर प्रगति
ट्रंप ने व्यापार वार्ता पर कहा, 'हम बहुत करीब हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत की क्षमता की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें 'दुनिया के सबसे सख्त वार्ताकारों में से एक' बताया। इसके साथ ही ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ते भारतीय निवेश का भी स्वागत किया और कहा कि मोदी अमेरिका में कई बड़े प्रोजेक्ट ला रहे हैं, जिसकी वे सराहना करते हैं। गौरतलब है कि दोनों देश पिछले कई महीनों से शुल्क और व्यापार असंतुलन के मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेषकर ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों में ट्रंप की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से 'दीर्घकालिक शांति की नई उम्मीद जगी है।' मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की ज़रूरत पर बल दिया, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का अहम मार्ग है। उन्होंने यह भी बताया कि लाखों भारतीय समुद्री कर्मचारी इन मार्गों पर कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है।
भारतीय नाविकों का मुद्दा
हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में मारे गए भारतीय नाविकों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी है और दोनों देश इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह बहुत कठिन पेशा है, इसमें कोई शक नहीं।' यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज क्षेत्र में तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।
द्विपक्षीय संबंधों को नई गति
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि पिछले वर्ष वॉशिंगटन में हुई उनकी मुलाकात के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है और दोनों देशों की टीमें उन लक्ष्यों को पूरा करने में जुटी हैं जिन पर तब सहमति बनी थी। ट्रंप ने अमेरिका में काम करने के इच्छुक भारतीय कुशल पेशेवरों का भी स्वागत किया। आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की औपचारिक घोषणा और रक्षा सहयोग के नए आयामों पर नज़र रहेगी।