ट्रंप ने मोदी को बताया 'अच्छा दोस्त', भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द होने के दिए संकेत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को व्हाइट हाउस में एक ऊर्जा नीति कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'अच्छा दोस्त' बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता शीघ्र संभव है। यह बयान ऐसे समय में आया जब दोनों देशों के वार्ताकार एक व्यापक ट्रेड डील की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
ट्रंप का बयान और मोदी से दोस्ती का ज़िक्र
व्हाइट हाउस में कोयला और ऊर्जा नीति पर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'हाँ, हम यह समझौता कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हम समझौता कर लेंगे, क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है और हम एक समझौता करेंगे। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।'
यह सवाल विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया भारत दौरे के बाद उठा था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की संभावनाएँ तेज़ हो गई हैं।
टैरिफ पर पुरानी शिकायत दोहराई
ट्रंप ने इस दौरान भारत की टैरिफ नीति पर अपनी परंपरागत आलोचना भी दोहराई। उन्होंने कहा, 'भारत ने कई वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया। वे हमसे बहुत ज़्यादा टैरिफ वसूलते थे और खुद लगभग कुछ नहीं देते थे।'
उदाहरण के तौर पर उन्होंने हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों का हवाला दिया और कहा कि पहले भारत इन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता था, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाज़ार में कारोबार करना मुश्किल हो जाता था। उन्होंने कहा कि अंततः हार्ले-डेविडसन को भारत में अपने संयंत्र स्थापित करने पड़े।
मौजूदा व्यापार स्थिति में बदलाव का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि पुरानी व्यापारिक व्यवस्था और उनकी सरकार की मौजूदा नीति में बड़ा फ़र्क है। उन्होंने कहा, 'वे हमारे उत्पादों पर बहुत ज़्यादा टैरिफ लगाते थे और हम उनसे कुछ नहीं लेते थे। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट है और हम भारत के साथ व्यापार से अच्छी कमाई कर रहे हैं।'
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन चुका है। दोनों सरकारें रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को और मज़बूत करने पर ज़ोर देती रही हैं।
ट्रंप ने मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया, जो उनके पहले कार्यकाल से चले आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने ह्यूस्टन के 'हाउडी मोदी' और अहमदाबाद के 'नमस्ते ट्रंप' जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ हिस्सा लिया था।
आगे क्या
वॉशिंगटन और नई दिल्ली दोनों में उम्मीद बढ़ रही है कि प्रस्तावित समझौते से बाज़ार तक पहुँच आसान होगी और टैरिफ से जुड़े कई विवाद कम हो सकते हैं। वार्ताकारों की अगली बैठक और उसके नतीजे इस दिशा में निर्णायक साबित होंगे।