जी-7 समिट में ट्रंप का बड़ा संकेत: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 'बेहद करीब', मोदी को बताया सबसे सख्त वार्ताकार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून 2025 को जी-7 शिखर सम्मेलन (एवियन) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद स्पष्ट संकेत दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है। जब उनसे पूछा गया कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के कितने करीब हैं, तो ट्रंप का एक-शब्द का जवाब था — 'बहुत करीब।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाई देने के लिए निरंतर बातचीत जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
जी-7 शिखर सम्मेलन के मंच पर ट्रंप और मोदी की मुलाकात ने वैश्विक कूटनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता-कुशलता की खुलकर तारीफ करते हुए कहा, 'वह बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं। सच कहूँ तो सबसे सख्त नेताओं में से एक हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बातचीत भले ही कड़ी रही, परंतु नतीजे काफी सकारात्मक रहे।
ट्रंप ने आगे कहा, 'हमारी प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हम व्यापार समझौतों पर काम कर रहे हैं। हम कई और क्षेत्रों में भी साथ काम कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के बीच बहुत कुछ हो रहा है।'
निवेश और आर्थिक सहयोग
ट्रंप ने रेखांकित किया कि भारत अमेरिका में निवेश की रफ्तार बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री अमेरिका में बहुत सारे प्रोजेक्ट्स बना रहे हैं। वह अमेरिका में काफी पैसा निवेश कर रहे हैं।' यह बयान उस व्यापक रणनीतिक ढाँचे का हिस्सा है जिसके तहत दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी गहरी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के व्यापार वार्ताकारों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें टैरिफ ढाँचे, बाज़ार पहुँच और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर ट्रंप का रुख
भारत में हाल की कुछ अमेरिकी नीतियों को लेकर उठी चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने भरोसा दिलाया, 'जब तक मैं राष्ट्रपति हूँ, भारत का व्हाइट हाउस में एक बहुत अच्छा दोस्त है।' उन्होंने कहा कि वे भारत से प्यार करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के लिए उनके मन में गहरा सम्मान है।
ट्रंप ने दोनों देशों के संबंधों को 'सबसे बेहतरीन' करार देते हुए कहा, 'दोनों देश इससे ज़्यादा करीब नहीं हो सकते।' यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब अमेरिका और कई अन्य सहयोगी देशों के बीच व्यापार तनाव बना हुआ है।
मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन में हुई पिछली मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति मिली है। उन्होंने कहा, 'पिछले साल वॉशिंगटन में हमारी बेहद सफल और उपयोगी बैठक हुई थी, और उसके बाद हमारे रिश्तों को नई रफ्तार और नई ऊर्जा मिली है।' मोदी ने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के अधिकारी उन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार मिलकर काम कर रहे हैं, जिन पर दोनों नेताओं ने सहमति बनाई थी।
क्या होगा आगे
विशेषज्ञों के अनुसार, जी-7 में हुई यह बैठक व्यापार वार्ता को नई गति दे सकती है। हालाँकि, समझौते की विस्तृत शर्तें और टाइमलाइन अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं। दोनों देशों की टीमें आपसी तालमेल के साथ काम जारी रखे हुए हैं और आने वाले हफ्तों में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।