जी-7 समिट: मोदी-ट्रंप वार्ता में पश्चिम एशिया शांति, होर्मुज़ और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 18 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने, होर्मुज़ स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते में हुई प्रगति तथा रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और व्यापार में सहयोग पर विस्तार से चर्चा की।
पश्चिम एशिया शांति और होर्मुज़ स्ट्रेट
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और व्यापक क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों की सराहना की। दोनों नेताओं ने होर्मुज़ स्ट्रेट में निर्बाध व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई, साथ ही नाविकों समेत आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच इसकी सुरक्षा भारत सहित कई देशों के लिए रणनीतिक प्राथमिकता बनी हुई है।
भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट की समीक्षा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद से भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट — जिसमें सैन्य साझेदारी, त्वरित व्यापार और प्रौद्योगिकी के अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है — के तहत हुई उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की। रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में हुई प्रमुख प्रगति का दोनों पक्षों ने स्वागत किया।
अंतरिम व्यापार समझौते पर प्रगति
बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने अधिकारियों को जल्द से जल्द एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। इस कड़ी में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर अगले सप्ताह भारत का दौरा करने वाले हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर कई महीनों से बातचीत जारी है और दोनों पक्ष एक अंतरिम ढाँचे पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी की एक्स पर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'एवियन में राष्ट्रपति ट्रंप से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच आपसी संबंधों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग की लगातार प्रगति की समीक्षा की।' उन्होंने यह भी लिखा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला रखना अत्यंत आवश्यक है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने तथा दोनों देशों और उनके नागरिकों के पारस्परिक लाभ के लिए सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक जी-7 के बहुपक्षीय मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता का एक और प्रमाण है।