प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर दिया
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नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई टेलीफोन बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसकी निरंतर सुगमता को वैश्विक हित के लिए बेहद आवश्यक बताया।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भारत ने स्पष्ट किया कि वह कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से क्षेत्रीय शांति को प्रोत्साहित करने के पक्ष में है और इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगा।
दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तनाव कम करने और शीघ्र शांति एवं स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप से फोन आया और हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत तनाव कम करने और शीघ्र शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे, पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हम शांति और स्थिरता के लिए किए जा रहे प्रयासों पर एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमत हुए।"
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लगभग २५ दिन हो चुके हैं। ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले और अवरोध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से ६० प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल और गैस का आयात करता है, इसलिए यह संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।
यह पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की शुरुआत के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत है। दोनों ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और हालिया संघर्ष के कारण यहां तनाव बढ़ गया है।
पिछले नवंबर में, ट्रंप ने कहा था कि उनका इरादा इस वर्ष भारत की यात्रा करने का है, क्योंकि क्वाड शिखर सम्मेलन के सिलसिले में अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा अपेक्षित है।
क्वाड समूह, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक समन्वय के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है।