भारत ने पश्चिम एशिया संघर्ष का समाधान संवाद से निकालने का सुझाव दिया: पीएम मोदी
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने पश्चिम एशिया में संघर्ष का समाधान संवाद के माध्यम से निकालने का प्रस्ताव दिया है।
- सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
- ऊर्जा संकट को लेकर भारत ने कई देशों से आपूर्ति की व्यवस्था की है।
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह युद्ध वैश्विक स्तर पर एक बड़ा ऊर्जा संकट उत्पन्न कर रहा है, जिसका प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, फिर भी भारत निरंतर कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से समाधान की दिशा में कार्यरत है। भारत पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों के साथ संवाद स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के नेताओं से दो बार फोन पर बातचीत की गई है और ईरान, इजरायल तथा अमेरिका के साथ भी संवाद जारी है। भारत ने इस समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से निकालने का सुझाव दिया है।
पीएम मोदी ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में इस तरह की रुकावट और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। भारत इस स्थिति में अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने नागरिकों, सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन से संबंधित ढांचों पर हमलों का कड़ा विरोध किया है। किसी भी प्रकार का हिंसक संघर्ष मानवता के हित में नहीं है, और भारत सभी पक्षों को शीघ्र ही शांति के मार्ग पर लौटने के लिए प्रेरित कर रहा है।
विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस संकट के दौरान अब तक ३ लाख ७५ हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं। केवल ईरान से १,००० से अधिक भारतीय लौटे हैं, जिनमें ७०० से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में कुछ भारतीयों की जान गई है और कुछ घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है और घायलों का उचित इलाज किया जा रहा है। सरकार इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों से सकारात्मक आश्वासन भी प्राप्त हुआ है।
ऊर्जा आपूर्ति के संदर्भ में उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई देशों से तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश की आवश्यकताओं से जुड़े सभी सामान सुरक्षित रूप से भारत में पहुंचते रहें।