पश्चिम एशिया संकट: मोदी का राज्यसभा में गंभीर चेतावनी, संकट से निपटने की अपील
सारांश
Key Takeaways
- संकट का सामना: सभी राज्यों को मिलकर संकट का सामना करना होगा।
- टीम इंडिया का परीक्षण: यह संकट टीम इंडिया के लिए एक बड़ी परीक्षा है।
- सरकार की तत्परता: सरकार हर निर्णय गंभीरता से ले रही है।
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि मैं राज्य सरकारों से निवेदन करना चाहता हूं कि संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, देश की वृद्धि बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। इसके लिए हमें हर आवश्यक कदम और हर महत्वपूर्ण सुधार तेजी से उठाते रहना होगा। यह राज्य सरकारों के लिए बहुत बड़ा अवसर है। यह टीम इंडिया की भी एक बड़ी परीक्षा है।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र और राज्यों ने मिलकर कोविड प्रबंधन का एक बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किया था। विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें होने के बावजूद परीक्षण और वैक्सीनेशन से लेकर आवश्यक चीजों की आपूर्ति टीम इंडिया के प्रयासों से ही सुनिश्चित हो पाई थी। हमें इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से देश इस गंभीर वैश्विक संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगा। यह संकट विशेष प्रकार का है और इसके समाधान भी विशेष तरीके से ही निर्धारित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें धैर्य और संयम के साथ शांत मन से हर चुनौती का सामना करना है। हम देख रहे हैं कि इस युद्ध के संबंध में पल-पल परिस्थितियाँ बदल रही हैं, इसलिए मैं देशवासियों से भी कहना चाहता हूं कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। इस युद्ध के गंभीर दुष्प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की संभावना है। मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि सरकार सतर्क है, तत्पर है, पूरी गंभीरता से योजना बना रही है और हर निर्णय ले रही है। देश की जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य में यह संकट हमारे देश की एक बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इस परीक्षा में सफलता के लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है।