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रेणुका चौधरी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की नीति पर उठाए सवाल, कोविड और आज के हालात में बड़ा अंतर

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रेणुका चौधरी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की नीति पर उठाए सवाल, कोविड और आज के हालात में बड़ा अंतर

सारांश

रेणुका चौधरी ने इजरायल-ईरान तनाव पर भारत के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि हमें पहले ही कदम उठाने चाहिए थे। उनका मानना है कि वर्तमान स्थिति बहुत गंभीर है और कोविड काल के अनुभव से सीखने की जरूरत है।

मुख्य बातें

भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
कोविड के अनुभवों से सीखने की आवश्यकता पर जोर।
राजनीतिक समर्थन में ममता बनर्जी का नाम लिया गया।
कांग्रेस की स्थिति पर सकारात्मक विचार व्यक्त किए गए।
टिकट बंटवारे के विवाद की चर्चा की गई।

नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने देश-विदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी विचारधारा साझा की। इजरायल-ईरान के बीच तनाव पर भारत की स्थिति पर उन्होंने कहा, "जो हम आज कर रहे हैं, वह हमें पहले करना चाहिए था। अब सरकार ने इसे पूरा किया है और अगले कदम की प्रतीक्षा है।"

रेणुका चौधरी ने इसे भारत के लिए एक महंगा सौदा करार देते हुए कहा कि देश वर्तमान में एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इस स्थिति को समझेंगे और सावधानी से आगे बढ़ेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि कोविड काल और वर्तमान समय में बहुत अंतर है।

बता दें कि मंगलवार को राज्यसभा में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर कहा कि मैं राज्य सरकारों से अनुरोध करता हूं कि चाहे संकट कितना भी बड़ा हो, देश की वृद्धि को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए हमें हर आवश्यक कदम और सुधार तेजी से उठाने होंगे। यह राज्य सरकारों के लिए एक बड़ा अवसर है। यह टीम इंडिया की एक बड़ी परीक्षा भी है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कोरोना काल में केंद्र और राज्य मिलकर कोविड प्रबंधन का एक बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किया था। विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें होने के बावजूद परीक्षण और वैक्सीनेशन से लेकर अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति टीम इंडिया के प्रयासों से ही सुनिश्चित हो पाई। हमें उसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। सभी राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों से देश इस गंभीर वैश्विक संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगा। यह संकट अलग है और इसके समाधान भी अलग तरीके से किए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए रेणुका चौधरी ने कहा, "हम चाहते हैं कि ममता बनर्जी जीते, सामने चाहे कोई भी हो। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन हम चाहते हैं कि ममता जी बंगाल में जीते और कांग्रेस भी वहां आगे बढ़े।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को केंद्र सरकार को उचित जवाब देना चाहिए।

केरल में कांग्रेस की स्थिति पर उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि वहां स्थिति बहुत अच्छी है और पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है। हमें उम्मीद है कि वहां हमारा मुख्यमंत्री बनेगा, हमारी सरकार आएगी और हम जनता की सेवा कर पाएंगे।

हरियाणा में टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर उठे आरोपों पर उन्होंने कहा कि ऐसे विवाद नई बात नहीं हैं। यह पहली बार नहीं हुआ है। जो लोग टिकट नहीं मिलने से नाराज होते हैं, वे अक्सर इस तरह के बयान देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

रेणुका चौधरी के बयान में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने भारत की विदेश नीति और कोविड के अनुभवों को जोड़ते हुए गंभीर चिंताओं का इज़हार किया है। ये विचार देश की वर्तमान स्थिति को समझने में मददगार हो सकते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेणुका चौधरी ने इजरायल-ईरान तनाव पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि 'हमें आज जो कर रहे हैं, वह पहले करना चाहिए था।'
क्या रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
केरल में कांग्रेस की स्थिति के बारे में उनका क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्छी है और पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है।
क्या हरियाणा में टिकट बंटवारे पर विवाद है?
रेणुका चौधरी ने कहा कि ऐसे विवाद नई बात नहीं हैं।
क्या रेणुका चौधरी ने ममता बनर्जी का समर्थन किया?
हाँ, उन्होंने कहा कि उन्हें ममता बनर्जी की जीत की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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