मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था की गति तेज़ बनी हुई है: गौरव वल्लभ
सारांश
Key Takeaways
- भारत मिडिल ईस्ट संकट के बीच भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
- खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
- विपक्ष की आलोचना कमजोर है, सरकार मजबूत स्थिति में है।
- 'खटाखट मॉडल' हिमाचल की आर्थिक स्थिति के लिए हानिकारक है।
- आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता ने नकारा है।
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच भारत निरंतर सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
नई दिल्ली में भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जिस प्रकार हमने कोरोना संकट का समापन किया, उसी प्रकार हम इन भू-राजनीतिक तनावों का भी समाधान करेंगे। प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त आपूर्ति है। विपक्ष अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है, और उनकी बातें कमजोर हैं। हम राज्यों को साथ लेकर टीम इंडिया की भावना से इस स्थिति से बाहर निकलेंगे। पीएम मोदी ने इस समय में सभी को एकजुट होने का आह्वान किया है।
विपक्ष के बयानों पर भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष को यह नहीं पता कि ईरान के विदेश मंत्री से हमारे विदेश मंत्री की लगातार बातचीत हो रही है। हार्मुज से हमारे जहाज लगातार लौट रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती रही है। विपक्ष की समस्या यही है कि भारत में समस्या क्यों नहीं है। जब दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि घरों में गैस की निरंतर आपूर्ति हो रही है, इसलिए विपक्ष बौखला गया है। जब भी देश में एकजुटता की बात होती है, विपक्ष देश के खिलाफ हो जाता है।
उन्होंने हिमाचल सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार देश को 'खटाखट मॉडल' का असली चेहरा दिखा रही है। यह 'खटाखट मॉडल' राज्य की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहा है। आज, हिमाचल सरकार, जिसे राहुल गांधी लोकसभा चुनावों के दौरान 'खटाखट मॉडल' कह रहे थे—उसी 'खटाखट आर्थिक मॉडल' ने राज्य की आर्थिक व्यवस्था को बिगाड़ दिया है। आज हिमाचल राज्य की आर्थिक स्थिति दिवालियापन की ओर बढ़ रही है। राज्य के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। यही है 'खटाखट मॉडल' की असलियत। यह मॉडल देश और राज्य के लिए कितना खतरनाक है, इसे हिमाचल ने दिखा दिया है। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि खटाखट मॉडल देश और राज्य के लिए हानिकारक है। कांग्रेस की विचारधारा देश के लिए खतरनाक है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि जिस तरह से 'आप' को दिल्ली की जनता ने बाहर का रास्ता दिखाया, आने वाले समय में पंजाब से भी 'आप' की सरकार जाने वाली है।