राहुल गांधी का बड़ा बयान: गलत विदेश नीति से ऊर्जा सुरक्षा संकट में, सरकार को तैयारी करनी चाहिए

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राहुल गांधी का बड़ा बयान: गलत विदेश नीति से ऊर्जा सुरक्षा संकट में, सरकार को तैयारी करनी चाहिए

सारांश

राहुल गांधी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की। उनका मानना है कि गलत विदेश नीति के कारण देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। क्या सरकार इस संकट का समाधान कर पाएगी?

मुख्य बातें

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।
गलत विदेश नीति ने मौजूदा स्थिति में योगदान दिया है।
सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
ऊर्जा क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ रही है।
ईंधन की आपूर्ति एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो देश को निकट भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि 'गलत' विदेशी नीति के निर्णयों ने मौजूदा संकट में योगदान दिया है। उन्होंने सरकार से जनता के हितों की रक्षा के लिए तुरंत कार्यवाही का अनुरोध किया।

संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने सदन में गैस और एलपीजी के मुद्दे को उठाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि बोलने की अनुमति मांगने की एक प्रक्रिया होती है। मैंने गैस और एलपीजी की स्थिति पर बयान देने की अनुमति मांगी थी। यह एक शुरुआत है। मैं इस विषय पर बात करना चाहता था, लेकिन ऐसा लगता है कि एक नई प्रक्रिया शुरू हो गई है - पहले मंत्री निर्णय लेंगे, फिर मैं बोलूंगा, और उसके बाद मंत्री जवाब देंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आगाह किया कि ईंधन की आपूर्ति एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

उन्होंने कहा कि असल में मुख्य बात यह है कि गैस एक समस्या बनने जा रही है। पेट्रोल भी एक समस्या बन सकता है। सभी ईंधन एक समस्या बनेंगे। क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है। गलत विदेशी नीति ने इस समस्या को जन्म दिया है। हमें इसके लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को तुरंत तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अन्यथा, इसका असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ेगा।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह मुद्दा केवल इस बात से कहीं बड़ा है कि कुछ देश ईंधन की आपूर्ति की अनुमति देते हैं या प्रतिबंधित करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह संघर्ष मौजूदा विश्व व्यवस्था के संदर्भ में है।

उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तन अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

गांधी ने कहा कि ईरान ईंधन की अनुमति देगा या नहीं, यह एक बड़ा मुद्दा है। हम एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर रहे हैं। जब आप अस्थिरता में होते हैं, तो आपकी मानसिकता में बदलाव लाना पड़ता है। मैं सरकार से यही आग्रह कर रहा हूं कि वे संभावनाओं पर विचार करें और सुनिश्चित करें कि हमारे लोगों को कोई परेशानी न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि विदेशी नीति का हमारे देश पर क्या प्रभाव पड़ता है। एक राष्ट्र के रूप में, हमें अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि हम भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने ऊर्जा सुरक्षा के बारे में क्या कहा?
उन्होंने चेतावनी दी कि गलत विदेश नीति के कारण ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है और सरकार को तुरंत तैयारी करनी चाहिए।
क्या ऊर्जा संकट का समाधान संभव है?
यदि सरकार उचित कदम उठाती है, तो संकट का समाधान संभव है।
क्या राहुल गांधी ने संसद में गैस और LPG का मुद्दा उठाया?
जी हां, राहुल गांधी ने गैस और LPG की स्थिति को उठाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला।
ऊर्जा क्षेत्र में अनिश्चितता का क्या मतलब है?
ऊर्जा क्षेत्र में अनिश्चितता का मतलब है कि ईंधन की आपूर्ति में बाधा आ सकती है, जिससे पूरे देश पर असर पड़ेगा।
राहुल गांधी ने सरकार से क्या अपील की?
उन्होंने सरकार से जनता के हितों की रक्षा के लिए तत्परता और कार्रवाई करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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