एनडीए सांसदों का जवाब- राहुल गांधी के बयान भ्रामक, वैश्विक संकट में भी ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार सतर्क
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी के बयानों को भ्रामक करार दिया।
- सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
- वैश्विक संकट के बावजूद भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
- केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं।
- राजनीतिक दलों को एकजुटता दिखाने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद, वैश्विक तेल-गैस स्थिति को लेकर देश की राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। एलपीजी सिलेंडर और ऊर्जा आपूर्ति के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
सरकार पक्ष के कई सांसदों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों की अनदेखी कर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि सरकार ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
भाजपा के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध का असर तेल और एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बगैर संदर्भ के बयान देते हैं और चुनौतियों पर चर्चा नहीं करते। वैश्विक संकट के बावजूद भारत के नागरिकों को अत्यधिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा के मामले में पूरी तरह सजग है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रोजाना स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के युद्ध से स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सरकार ने आवश्यक उपाय कर लिए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक के लोगों और होटल व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि घरेलू उपयोग के साथ-साथ देश की सीएनजी और एलपीजी आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग मिडिल ईस्ट जैसी समस्याओं को भारत में लाना चाहते हैं, लेकिन सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करता और हर निर्णय राष्ट्रीय हित में लिया जाता है।
भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसे सभी जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा कर समय बर्बाद किया।
वहीं, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच तनाव एक गंभीर विषय है और इसका असर प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ सकता है, हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत के पास गैस आयात के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
देवड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि रेस्टोरेंट और आम उपभोक्ताओं तक एलपीजी की सप्लाई में कम से कम बाधा आए।
इधर, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को देखते हुए सरकार सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सरकार हर पहलू पर ध्यान दे रही है।