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राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया एलपीजी संकट का मुद्दा, कहा- दर्द तो अभी शुरू हुआ है

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राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया एलपीजी संकट का मुद्दा, कहा- दर्द तो अभी शुरू हुआ है

सारांश

राहुल गांधी ने लोकसभा में एलपीजी संकट पर चिंता जताई है और इसे दर्द की शुरुआत बताया है। उन्होंने सरकार पर दबाव झुकने का आरोप लगाया है। क्या भारत को सच में एलपीजी संकट का सामना करना पड़ेगा?

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने एलपीजी संकट को 'दर्द की शुरुआत' बताया।
सरकार ने संकट से इनकार किया है।
अमेरिकी हस्तक्षेप पर सवाल उठाए गए।
भारत के लिए होर्मुज स्ट्रैट का बंद होना चिंता का विषय है।
राजनीतिक विवाद गहरा सकता है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया संकट के बीच होटल में एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि यह "दर्द की शुरुआत" है, जो आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ेगा।

लोकसभा में 'एलपीजी संकट' पर चर्चा करते हुए कांग्रेस सांसद ने सरकार पर अमेरिकी प्रशासन के दबाव के सामने झुकने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि डोनाल्ड ट्रंप भारत को यह कैसे तय कर सकते हैं कि वह तेल कहां से और किससे खरीदे।

राहुल गांधी ने अपने 'समझौते' के आरोप को दोहराते हुए कहा कि यही देश में पेट्रोल और एलपीजी की कमी का मुख्य कारण है। हालांकि, इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जवाब दिया और बताया कि देश के तेल भंडार भरे हुए हैं और किसी प्रकार का संकट नहीं है।

पश्चिम एशिया संकट पर राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच युद्ध के दूरगामी प्रभाव होंगे और इसका असर अब दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति जिस मुख्य मार्ग से होती है, वह होर्मुज स्ट्रैट बंद हो चुका है। भारत के लिए यह विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि देश का एक बड़ा हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से आता है।

उन्होंने कहा, "दर्द अभी शुरू हुआ है। रेस्तरां बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर व्यापक घबराहट है, स्ट्रीट वेंडर प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह केवल शुरुआत है।"

अमेरिका के कथित हस्तक्षेप पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोई तीसरा देश यह कैसे तय कर सकता है कि भारत रूस से तेल खरीदे या नहीं और भारत अपने ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं से किस प्रकार के संबंध बनाए।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह बात उनके लिए समझ में नहीं आई, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह सब भारत के हितों से समझौता करने के कारण हो रहा है।

एलपीजी मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने रिकॉर्ड पर स्वीकार किया है कि उनके संबंध जेफरी एपस्टीन से रहे हैं। इस टिप्पणी पर सदन में हंगामा हुआ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा।

संसद के बाहर कुछ भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि एलपीजी मुद्दे से कोई संबंध न होने के बावजूद एपस्टीन का नाम उठाया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण रहेगा कि देश इस संकट का सामना कैसे करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने किस मुद्दे पर लोकसभा में बात की?
राहुल गांधी ने एलपीजी संकट पर बात की और इसे दर्द की शुरुआत बताया।
क्या सरकार ने एलपीजी संकट को गंभीरता से लिया?
सरकार ने कहा कि देश के तेल भंडार भरे हुए हैं और किसी प्रकार का संकट नहीं है।
राहुल गांधी ने किस पर आरोप लगाया?
राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिकी प्रशासन के दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया।
एलपीजी संकट का भारत पर क्या असर होगा?
एलपीजी संकट का असर रेस्तरां, स्ट्रीट वेंडर्स और सामान्य जनता पर पड़ेगा।
राहुल गांधी ने किस अन्य विषय पर सवाल उठाया?
राहुल गांधी ने अमेरिका के हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाया कि कोई तीसरा देश भारत के तेल खरीदने के निर्णय को कैसे तय कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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