राहुल गांधी का बयान: पश्चिम एशिया संकट से हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है गंभीर प्रभाव
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम एशिया संकट ने भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है।
- संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री इस पर चर्चा करने का साहस नहीं दिखा रहे हैं।
सोमवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध, जो वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव ला रहा है, भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि इस संकट का असर पहले ही एलपीजी की बढ़ती कीमतों, शेयर बाजार में गिरावट और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के उच्च स्तर पर पहुंचने के रूप में महसूस किया जा रहा है। ये सभी कारक आम आदमी, घरेलू बजट, और छोटे एवं मध्यम आकार के व्यवसायों को सीधे प्रभावित कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम जनहित का विषय हैं और इन्हें संसद में चर्चा का विषय बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पर चर्चा की मांग कर रहा है क्योंकि यह मुद्दा देश की जनता और भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इन घटनाक्रमों पर चर्चा करने में क्या समस्या है, खासकर जब इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव हो रहा है। उन्होंने पूछा, "क्या यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है?" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस विषय पर चर्चा नहीं होने देंगे क्योंकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और वे और अधिक खुलासे होने से डरते हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के संसद से जाने के तरीके पर इशारा करते हुए कहा, "वे अब संसद में वापस नहीं आ पाएंगे।"
उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव जैसे अन्य मुद्दों पर आगे चर्चा की जा सकती है और विपक्षी दल उन पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं।