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संसद में हंगामे के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष पर विपक्ष का प्रदर्शन

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संसद में हंगामे के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष पर विपक्ष का प्रदर्शन

सारांश

नई दिल्ली में बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में हंगामा किया, जिससे संसद का माहौल गरमा गया।

मुख्य बातें

विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेताओं ने सक्रियता दिखाई।
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का यह एक महत्वपूर्ण समय है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा हुए। विपक्षी सदस्यों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए एक बड़ा बैनर थाम रखा था।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "खाड़ी के देश जल रहे हैं, भारतीय फंसे हुए हैं और केंद्र सरकार चुप है।" पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में यह भी कहा, "आज भारत को ऐसे लीडरशिप की जरूरत है, जो देश के हितों की रक्षा कर सके। केंद्र सरकार का डर देश को नुकसान पहुंचा रहा है।"

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर लिखा, "जब संसद के बजट सत्र का अंतराल था तब विषय अलग थे और आज के युद्धकालीन हालातों के कारण हमारी प्राथमिकता युद्ध के संदर्भ में देश का पक्ष, राय और विदेश नीति के गिरवी रखने का विषय होना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "तेल जैसी आपूर्ति पर आत्मनिर्णय की जगह अमेरिकी आदेश का आना हमारी संप्रभुता और आत्मनिर्भरता का प्रश्न है। युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता का विषय होना चाहिए।"

सोमवार को संसद के दोनों सदनों में भी हंगामा देखने को मिला। मिडिल ईस्ट संघर्ष पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के जवाब के समय विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया। इसी प्रकार, लोकसभा में भी विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना दर्शाती है कि संसद में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। विपक्ष का प्रदर्शन दर्शाता है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का एक महत्वपूर्ण समय है। यह मुद्दा न केवल आंतरिक राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी असर डालेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम एशिया संघर्ष पर संसद में क्यों हंगामा हुआ?
विपक्ष ने पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कौन-कौन से प्रमुख नेता प्रदर्शन में शामिल थे?
प्रदर्शन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे प्रमुख नेता शामिल थे।
क्या प्रदर्शन से संसद का कार्य प्रभावित हुआ?
हाँ, प्रदर्शन के कारण संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ और विपक्ष ने वॉकआउट किया।
राष्ट्र प्रेस
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