नवीन पटनायक ने क्योंझर कंकाल कांड उठाया, BJP सरकार पर लगाया असंवेदनशीलता का आरोप

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नवीन पटनायक ने क्योंझर कंकाल कांड उठाया, BJP सरकार पर लगाया असंवेदनशीलता का आरोप

सारांश

क्योंझर में एक महिला का कंकाल कब्र से निकालकर बैंक ले जाने की घटना ओडिशा विधानसभा के उस विशेष सत्र में गूँज उठी जो महिलाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी पर था। नवीन पटनायक ने इसे 'असंवेदनशील शासन' का प्रतीक बताया और डबल इंजन सरकार पर सीधा हमला बोला।

Key Takeaways

नवीन पटनायक ने 30 अप्रैल 2025 को ओडिशा विधानसभा में क्योंझर कंकाल कांड उठाया। मृतका कलारा मुंडा के भाई को बैंक औपचारिकताओं के लिए कंकाल कब्र से निकालकर ले जाना पड़ा था। घटना मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के गृह जिले क्योंझर में हुई। न्यूयॉर्क पोस्ट और BBC ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कवर किया। पटनायक ने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से जोड़ने की केंद्र की नीति की आलोचना की। BJD ने 2011 में स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण 33% से बढ़ाकर 50% किया था।

बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2025 को विधानसभा में क्योंझर जिले की उस चर्चित घटना को जोरदार तरीके से उठाया, जिसमें एक महिला के परिवार को बैंक की औपचारिकताएँ पूरी करने के लिए उसका कंकाल कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाना पड़ा था। पटनायक ने कहा कि इस घटना ने ओडिशा की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर रूप से धूमिल की है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर आयोजित ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उठाया गया। पटनायक ने कहा कि मृतका कलारा मुंडा के भाई ने बहन की मौत के बाद बैंक की औपचारिकताएँ पूरी करने के लिए कई बार चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारियों ने बार-बार मौत का सबूत माँगते हुए उसे परेशान किया। उन्होंने कहा,

Point of View

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि उनके 24 वर्षों के शासन में बैंकिंग और अंत्येष्टि दस्तावेज़ीकरण की यह खाई क्यों नहीं पाटी गई। असली जवाबदेही के लिए दोनों पक्षों को आत्ममंथन करना होगा।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

क्योंझर कंकाल बैंक कांड क्या है?
ओडिशा के क्योंझर जिले में मृतका कलारा मुंडा के भाई को बैंक की औपचारिकताएँ पूरी करने और मृत्यु का प्रमाण देने के लिए बहन का कंकाल कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाना पड़ा था। अधिकारियों द्वारा बार-बार सबूत माँगे जाने के बाद परिवार को यह कदम उठाना पड़ा।
नवीन पटनायक ने विधानसभा में यह मुद्दा क्यों उठाया?
पटनायक ने यह मामला 30 अप्रैल 2025 को ओडिशा विधानसभा के उस विशेष सत्र में उठाया जो भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित था। उन्होंने इसे राज्य सरकार की असंवेदनशीलता और जवाबदेही के अभाव का प्रमाण बताया।
इस घटना का अंतरराष्ट्रीय असर क्या रहा?
न्यूयॉर्क पोस्ट और BBC ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कवर किया। पटनायक ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष अमेरिका ने अपने नागरिकों को ओडिशा यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी।
BJD का महिला आरक्षण पर क्या रुख है?
BJD ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। पटनायक के अनुसार, बीजू पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा ने स्थानीय निकायों में 33% महिला आरक्षण दिया था, जिसे उनकी सरकार ने 2011 में 50% कर दिया। BJD ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में 33% टिकट महिलाओं को दिए।
पटनायक ने महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र की आलोचना क्यों की?
पटनायक ने आरोप लगाया कि केंद्र की BJP सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर इसे व्यवहारिक रूप से अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह बिना उचित चर्चा के परिसीमन लागू करने की एक गुप्त कोशिश है और इतिहास इसे माफ नहीं करेगा।
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