महंगाई, पश्चिम एशिया संकट और महिला आरक्षण: विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- महंगाई का बढ़ता बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।
- केंद्र सरकार की सर्वदलीय बैठक को गुमराह करने वाला बताया गया।
- महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की चिंताएँ।
- पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर भारत की विदेश नीति पर।
- जनता की राय को नजरअंदाज किए जाने का आरोप।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की है, जिसका विपक्ष के सांसदों ने गुमराह करने वाला करार दिया है। सांसदों ने कहा कि जनता की परेशानियाँ बढ़ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि देश की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और महंगाई का बोझ आम लोगों पर बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की राय के बिना निर्णय ले रही है, जबकि इसके परिणाम जनता को भुगतने पड़ते हैं। विपक्ष केवल इन निर्णयों के नतीजों को जनता तक पहुँचाने में रुचि रखता है।
पश्चिम एशिया के संघर्ष पर केंद्र द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक के संदर्भ में, पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंभीर हैं, तो उन्हें इस बैठक में उपस्थित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि पीएम बैठक में नहीं आते हैं, तो इसका कोई वास्तविक महत्व नहीं रह जाएगा। सरकार को अपनी विदेश नीति और कार्ययोजना को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।
कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और हमलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा स्पष्ट रही है और शांति की पहल अक्सर भारत की तरफ से होती रही है। पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार के ईरान मुद्दे पर अपनाए गए रवैये और उससे जुड़े एलपीजी संकट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ दशकों पुराने संबंधों को ध्यान में रखते हुए सरकार का रवैया इस संकट का कारण बना है।
डिंपल यादव ने कहा कि वे सर्वदलीय बैठक में जाकर सरकार का पक्ष जानेंगे। इसके अलावा, उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर भी जोर दिया और कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि वह इसे कैसे लागू करना चाहती है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) सांसद महुआ माजी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि कई राज्यों में चुनाव होने के कारण इसे बाद में सर्वदलीय बैठक में लाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण का लाभ अधिकतम महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए सभी पक्षों की सहमति से प्रावधान तय किए जाने चाहिए।