किसानों की अनदेखी और विदेश नीति की विफलता पर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा

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किसानों की अनदेखी और विदेश नीति की विफलता पर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा

सारांश

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने किसानों के हितों की अनदेखी और महंगाई के मुद्दे पर भी चिंता जताई। क्या यह सरकार अपने वादों को पूरा कर पाएगी?

Key Takeaways

  • विदेश नीति में विफलता का आरोप
  • किसानों के हितों की अनदेखी
  • महंगाई के मुद्दों पर चिंता
  • कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट
  • आगामी चुनावों में विपक्ष की एकता का आश्वासन

लखनऊ, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो चुकी है और सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के निर्णयों से देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति कमजोर हो रही है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि सरकार की कूटनीति असफल सिद्ध हुई है। वर्तमान में भारत की विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव बढ़ता जा रहा है और सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की भलाई के प्रति लापरवाह है, जबकि विदेशी देशों के साथ व्यापारिक समझौतों के माध्यम से देश के बाजार को बाहरी ताकतों के लिए खोल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ विदेश से आयात होगा, तो हमारे किसानों का भविष्य क्या होगा?

अखिलेश यादव ने “विश्वगुरु” की अवधारणा पर भी टिप्पणी की और कहा कि यदि भारत वास्तव में इस भूमिका में होता, तो वैश्विक संघर्षों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाता। उन्होंने कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय संकटों में अपनी स्पष्ट और प्रभावी भूमिका प्रदर्शित करनी चाहिए थी। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आम आदमी रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी सिलेंडर के वजन में कटौती की जा रही है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल विपक्ष को बदनाम करने और झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और आम लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। धार्मिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार की निंदा करते हुए सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

राजनीतिक कटुता पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की नीतियों के कारण राजनीतिक वातावरण में तनाव बढ़ गया है और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई द्वेषपूर्ण ढंग से की जा रही है। उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों का उल्लेख करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी २०२७ के विधानसभा चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ जनता का समर्थन प्राप्त करेगी।

Point of View

बल्कि वे किसानों और आम जनता के लिए भी चिंताजनक हैं। उनकी बातें सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती हैं, जो कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में आवश्यक हैं।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति विफल हो गई है और किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
किसानों की समस्याओं पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी व्यापार समझौतों के माध्यम से किसानों का भविष्य खतरे में डाल रही है।
क्या अखिलेश यादव ने महंगाई पर कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उनकी टिप्पणी क्या थी?
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है और आम लोगों को न्याय नहीं मिल रहा।
अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विपक्ष एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और केंद्र में सत्ता परिवर्तन होगा।
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