27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव का केंद्र की विदेश नीति पर हमला: भारत ने वैश्विक नेता बनने का अवसर गंवाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव का केंद्र की विदेश नीति पर हमला: भारत ने वैश्विक नेता बनने का अवसर गंवाया

सारांश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की विदेश नीति पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि भारत ने वैश्विक नेता बनने का एक महत्वपूर्ण अवसर खो दिया है। उन्होंने युद्ध और शांति के मुद्दों पर सरकार के रुख की आलोचना की।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने युद्ध के खिलाफ समाजवादी विचारधारा की बात की।
भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर सरकार के रुख का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

लखनऊ, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध की परिस्थितियों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को केंद्र की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाजवादी विचारधारा सदैव युद्ध के खिलाफ रही है और शांति की समर्थक है।

अखिलेश यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मैंने पहले दिन से कहा था कि समाजवादी पार्टी के सदस्य और जो लोग समाजवादी विचारधारा में विश्वास करते हैं, वे कभी भी युद्ध के पक्ष में नहीं होते। युद्ध का होना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। एक देश के रूप में, भारत ने वैश्विक नेता बनने का एक महत्वपूर्ण अवसर खो दिया है। यदि भारत ने कोई सशक्त रुख अपनाया होता, तो हम युद्ध से बच सकते थे।"

उन्होंने आगे कहा कि ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष में भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया, जिससे देश की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता केवल नफरत फैलाने में लगे हैं और हर परिस्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, महंगाई बढ़ रही है और विदेश नीति पूरी तरह से विफल साबित हुई है।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने सरकार से मांग की कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और संप्रभुता जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए। त्योहारों के संदर्भ में, अखिलेश यादव ने सद्भाव का संदेश देते हुए कहा, "होली के मौके पर हम सभी एक-दूसरे के साथ गुझिया बांटते हैं। इसी तरह, ईद पर हम एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं और साथ मिलकर जश्न मनाते हैं। ईद के दिन हम एक संकल्प लेते हैं कि हमें शांति, सद्भाव और खुशी के साथ रहना चाहिए।"

इसके अतिरिक्त, मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' (चंद्रशेखर सिंह) की मौत पर उन्होंने योगी सरकार से सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "उनका तो बस एक ही नारा है, 'हथेली गरम, पुलिस नरम'।" अखिलेश ने आरोप लगाया कि मथुरा में जो घटना हुई है, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हो रही है। यह एक सच्चाई है कि शांति और सद्भाव का संदेश दुनिया में अधिक महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने किस मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाया?
उन्होंने केंद्र की विदेश नीति पर आक्षेप किया और कहा कि युद्ध के मामलों में सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है।
क्या अखिलेश यादव ने युद्ध के खिलाफ कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा सदैव युद्ध के खिलाफ रही है और शांति की पक्षधर है।
भारत ने वैश्विक नेता बनने का अवसर क्यों गंवाया?
अखिलेश यादव के अनुसार, अगर भारत ने मजबूत रुख अपनाया होता, तो युद्ध से बचा जा सकता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले