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क्या लोकतंत्र को बचाने के लिए इस सरकार को सत्ता से बाहर करना जरूरी है: अखिलेश यादव?

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क्या लोकतंत्र को बचाने के लिए इस सरकार को सत्ता से बाहर करना जरूरी है: अखिलेश यादव?

सारांश

अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इसे सत्ता से हटाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और मतदाता सूची पर ध्यान देने की सलाह दी। क्या सपा इस चुनावी लड़ाई में सफल होगी?

मुख्य बातें

भाजपा को सत्ता से बाहर करना जरूरी है।
कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत होना चाहिए।
मतदाता सूची की विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
भ्रष्टाचार और झूठे वादों का आरोप भाजपा पर।
समाजवादी पार्टी पर जनता का भरोसा।

लखनऊ, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और संघ परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा को सत्ता से बाहर करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूती और मतदाता सूची पर विशेष सतर्कता रखने के लिए प्रेरित किया।

अखिलेश यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलकर सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा से सावधान रहना आवश्यक है। उनका कहना था कि लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना अनिवार्य है। सपा अध्यक्ष ने भाजपा नेता किरण रिजिजू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद माना है कि एनडीए कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक गठबंधन है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता से झूठ बोलने और झूठे वादे करने में माहिर है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के बारे में भाजपा का प्रचार झूठा है, क्योंकि मतदाता सूची के एसआईआर प्रक्रिया में कोई घुसपैठिया नहीं पाया गया।

उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया जा रहा है और प्रदेश की जनता परेशान और दुखी है। सपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर पूरी ताकत से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वोट बचाना और अपना बूथ जिताना समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्हें फार्म-6 के माध्यम से छूटे हुए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और भाजपा की चालाकियों से सतर्क रहने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि 2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी पर है और सभी वर्गों को पार्टी से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपने व्यवहार से लोगों को विश्वास दिलाना होगा कि समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में वास्तविक विकास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है और आज हर विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। प्रदेश अपराधियों की गिरफ्त में है, महिला अपराध और साइबर क्राइम चरम पर हैं और अपराधी बेखौफ होकर हत्या कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने संस्थाओं को कमजोर कर दिया है। राजधानी लखनऊ के बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है क्योंकि सरकार पर्याप्त बजट नहीं देती। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में गरीबों का इलाज पूरी तरह मुफ्त था। समाजवादी पार्टी की सरकार ने लोहिया संस्थान, सैफई मेडिकल कॉलेज और विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान का निर्माण कराया, जबकि भाजपा सरकार ने इन व्यवस्थाओं को खराब कर दिया है।

उन्होंने भाजपा के चरित्र को अमानवीय और संवेदनहीन बताया। कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर से आए समाजवादी पार्टी नेता मोहम्मद आज़म एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को शाल और मफलर भेंट किया। वाराणसी से आए कार्यकर्ताओं ने संकट मोचन मंदिर का प्रसाद भेंट किया, जबकि अवधेश यादव और पंचू यादव ने उन्हें इलाहाबादी अमरूद भेंट कर सम्मानित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि अखिलेश यादव का बयान वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका आह्वान कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। सपा को चुनावी जीत के लिए अपने आधार को मजबूत करना होगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने भाजपा पर झूठ बोलने, भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का आरोप लगाया।
क्या अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को किसी प्रकार की सलाह दी?
उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और मतदाता सूची की सही जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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