क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के जन्मदिन समारोह में भाग लिया?
सारांश
Key Takeaways
- जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की जयंती समारोह में भागीदारी।
- भगवान राम के आदर्शों का प्रचार और उनकी सेवा के प्रति प्रतिबद्धता।
- दिव्यांग छात्रों के लिए सहायक उपकरण का वितरण।
जयपुर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ बुधवार को नींदड़ में जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज की जयंती समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भगवान राम हमारे जीवन के हर क्षेत्र में विद्यमान हैं और भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर में श्रीराम कथा का आयोजन समाज के लिए एक सौभाग्य का अवसर है और हर जगह भगवान राम की दिव्य उपस्थिति का अनुभव किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज भगवान राम के नाम की खुशबू पूरे देश में फैल रही है। हनुमान चालीसा का पाठ और वैदिक मंत्रों का जाप हर स्थान पर भक्ति की गूंज सुनाई दे रहा है।”
उन्होंने जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज को वर्तमान समय के महान विद्वान, तपस्वी और भगवान राम के अद्वितीय भक्त माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगद्गुरु जी ने अपने जीवन के तप और विद्वता से भारतीय संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने साहित्य और धर्म के क्षेत्र में जगद्गुरु के योगदान का ज़िक्र करते हुए बताया कि तुलसी पीठ की स्थापना कर उन्होंने रामायण और हिंदी साहित्य की असाधारण सेवा की है।
उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक हैं। उनका चरित्र मानवता के लिए सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत करता है और जगद्गुरु जी ने चित्रकूट से लेकर पूरे विश्व तक इन मूल्यों का प्रचार करने में अपना जीवन समर्पित किया है।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने रामानंद मिशन की ओर से दिव्यांग छात्रों को सहायक उपकरण वितरित किए, जिससे समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई। उन्होंने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को हेलमेट भी बांटे और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई कर्मियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा को नारियल और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, सांसद मदन राठौड़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम सहित बड़ी संख्या में संत, विद्वान और श्रद्धालु मौजूद रहे।