भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद मॉरीशस के पोर्ट लुईस पहुंचा
सारांश
Key Takeaways
- आईएनएस त्रिकंद का मॉरीशस में आगमन भारत-मॉरीशस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह यात्रा समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देती है।
- भारतीय नौसेना की टुकड़ी और हेलीकॉप्टर समारोह में भाग लेंगे।
- यह कार्यक्रम सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करेगा।
- आईएनएस त्रिकंद ने हाल ही में मिस्र में भी भाग लिया था।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का एक विशेष दल मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए वहां पहुंच चुका है। यह समारोह 12 मार्च, गुरुवार को आयोजित किया जाएगा।
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद अब मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुईस के बंदरगाह पर है। यह युद्धपोत दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती के दौरान मॉरीशस में मौजूद है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करना है।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इस यात्रा के दौरान आईएनएस त्रिकंद कई कार्यक्रमों में भाग लेगा। 12 मार्च को आयोजित होने वाले मॉरीशस के 58वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय नौसेना की मार्च करती टुकड़ी और नौसेना वाद्यदल दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त, युद्धपोत पर तैनात भारतीय हेलीकॉप्टर भी यहां आकाशीय प्रदर्शन में भाग लेगा।
यह समारोह पोर्ट लुईस के ऐतिहासिक शाँ द मार्स मैदान में आयोजित होगा। युद्धपोत के कमांडिंग अधिकारी कैप्टन सचिन कुलकर्णी मॉरीशस सरकार के उच्च अधिकारियों और तटरक्षक बल के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में समुद्री सुरक्षा, सहयोग और संयुक्त प्रशिक्षण के मुद्दों पर चर्चा होगी।
पोर्ट लुईस में प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना और मॉरीशस तटरक्षक बल के बीच प्रशिक्षण आदान-प्रदान होगा। दोनों नौसेनाएं सांस्कृतिक कार्यक्रम, मित्रता खेल प्रतियोगिताओं और सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगी। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और भारत-मॉरीशस की मित्रता को और अधिक सुदृढ़ करना है।
गौरतलब है कि आईएनएस त्रिकंद एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है। यह कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यासों का हिस्सा बन चुका है और हाल ही में मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर भी पहुंचा था। यहां यह बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास का हिस्सा था। इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, मिस्र, सऊदी अरब, कतर, ग्रीस, साइप्रस और इटली की सेनाएं शामिल थीं।
नौसेना के अनुसार, अपनी भूमध्य सागर में तैनाती के दौरान, आईएनएस त्रिकंद ने मिस्र के बंदरगाह की यात्रा की और ब्राइट स्टार 2025 में सैन्य अभ्यास किया। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के साथ भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना की टुकड़ियां भी शामिल थीं।