ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह बोले — भारत ने अपनी शर्तों और समय पर की कार्रवाई, रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड पर
सारांश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ किया — ऑपरेशन सिंदूर भारत की कमज़ोरी नहीं, बल्कि संप्रभु इच्छाशक्ति का प्रदर्शन था। 72 घंटे का यह ऑपरेशन महीनों की तैयारी का नतीजा था, और इसे रोकने का फैसला भी भारत का अपना था। साथ ही रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड पर पहुँचना भारत की बढ़ती वैश्विक सैन्य साख का प्रमाण है।
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली सम्मेलन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत ने अपनी शर्तों और समय पर अंजाम दिया।
ऑपरेशन 72 घंटों में पूरा हुआ; भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने एकीकृत योजना के तहत मिलकर काम किया।
रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुँचा — पिछले वर्ष की तुलना में 62.66% की वृद्धि।
ऑपरेशन में ब्रह्मोस जैसी मिसाइल प्रणालियों और AI -आधारित निगरानी प्लेटफॉर्मों का प्रभावी उपयोग किया गया।
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा — भारत IT (सूचना प्रौद्योगिकी) के लिए जाना जाता है, पाकिस्तान IT (अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद) के लिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह अपनी शर्तों और अपने चुने हुए समय पर अंजाम दिया — और इसे भी अपनी शर्तों पर ही रोका। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने निर्णायक सैन्य कार्रवाई के ज़रिये वैश्विक स्तर पर यह संदेश दिया है कि भारत आतंकी हमलों की स्थिति में अब केवल कूटनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रहेगा।
ऑपरेशन की रणनीति और सटीकता
राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर मात्र 72 घंटों में पूरा हुआ, लेकिन इससे पहले की तैयारियाँ व्यापक और दीर्घकालिक थीं। उन्होंने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
क्योंकि यह बाहरी दबाव में झुकने की किसी भी व्याख्या को खारिज करता है। हालाँकि, ऑपरेशन के विशिष्ट लक्ष्यों, क्षति-आकलन और दीर्घकालिक आतंकवाद-रोधी प्रभाव पर स्वतंत्र सत्यापन अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। रक्षा निर्यात में 62.66% की वृद्धि प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार आतंकी ढाँचे पर दीर्घकालिक असर कितना पड़ा — जो अभी मापा जाना बाकी है।
RashtraPress
26 जून 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा आतंकी ठिकानों के विरुद्ध की गई सैन्य कार्रवाई है, जिसे भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने एकीकृत योजना के तहत अंजाम दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार यह ऑपरेशन 72 घंटों में पूरा हुआ और इसमें ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली तथा AI-आधारित निगरानी प्लेटफॉर्मों का उपयोग किया गया।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने के बारे में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि भारत की क्षमताएँ कम हो गई थीं, बल्कि इसे पूरी तरह भारत की अपनी शर्तों पर रोका गया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए भी पूरी तरह तैयार था।
भारत का रक्षा निर्यात 2025-26 में कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुँचा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66% की वृद्धि है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कई देशों ने भारत से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है।
ऑपरेशन सिंदूर में किन तकनीकों का उपयोग किया गया?
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों के साथ-साथ AI-आधारित निगरानी प्लेटफॉर्मों का व्यापक उपयोग किया गया। रक्षा मंत्री के अनुसार AI ने सटीकता और आक्रमण क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया।
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर क्या टिप्पणी की?
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक ही समय पर स्वतंत्रता मिली, लेकिन आज भारत IT यानी सूचना प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान IT यानी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के केंद्र के रूप में पहचाना जाता है।