एक्सिस माई इंडिया का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए एग्जिट पोल नहीं होगा जारी, 70% मतदाताओं ने सर्वे से किया इनकार
सारांश
एक्सिस माई इंडिया ने 30 अप्रैल 2026 को एक अहम प्रेस नोट जारी करते हुए स्पष्ट किया कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपना एग्जिट पोल प्रकाशित नहीं करेगी। एजेंसी ने यह निर्णय डेटा की विश्वसनीयता और सांख्यिकीय मानकों पर खरा न उतरने के आधार पर लिया है। यह पहली बार है जब एजेंसी ने किसी बड़े राज्य चुनाव के लिए अपने एग्जिट पोल को स्वयं वापस लेने का निर्णय किया है।
सर्वे का दायरा और चुनौती
एक्सिस माई इंडिया ने पिछले सात दिनों में पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर व्यवस्थित फील्ड रिसर्च अभियान चलाया। 80 प्रशिक्षित सर्वेक्षकों की टीम ने एग्जिट पोल के तय तरीकों का उपयोग करते हुए मतदाताओं के इंटरव्यू लिए और 13,250 से अधिक लोगों का सैंपल एकत्र किया। फील्डवर्क के दौरान टीमों ने 8,324 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया।
70% मतदाताओं ने सर्वे से किया इनकार
एजेंसी के सीएमडी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि फील्डवर्क के दौरान एक असाधारण और सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण चुनौती सामने आई — लगभग 70 फीसदी मतदाताओं ने सर्वे में हिस्सा लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि सैंपलिंग मॉडल में मतदाताओं की कुछ हद तक हिचकिचाहट को ध्यान में रखा जाता है, परंतु इतनी बड़ी संख्या में इनकार ऐतिहासिक मानकों से कहीं अधिक है। इससे 'न-जवाब पूर्वाग्रह' (non-response bias) का खतरा बेहद बढ़ जाता है।
डेटा की गुणवत्ता पर उठे सवाल
एजेंसी के अनुसार, कार्यप्रणाली के नजरिए से जवाब न देने वालों की इतनी अधिक संख्या वोट-शेयर के अनुमान की विश्वसनीयता को कमज़ोर कर देती है। एक कड़े चुनावी मुकाबले वाले माहौल में चुनिंदा जानकारी देने और खामोश मतदाताओं के व्यवहार से नतीजों में गड़बड़ी होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है, जिससे किसी भी अनुमान की सांख्यिकीय मजबूती सीमित हो जाती है। डेटा की गुणवत्ता, जवाबों के वितरण और विश्वसनीयता स्तरों की विस्तृत आंतरिक समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया।
एजेंसी की जवाबदेही और पारदर्शिता
प्रेस नोट में एक्सिस माई इंडिया ने स्वीकार किया कि इस फैसले से दर्शकों को निराशा हो सकती है। एजेंसी ने कहा,