अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर गौतमबुद्धनगर में कड़ी सुरक्षा: 11 जोन, 49 सेक्टर, 50+ ड्रोन तैनात
सारांश
Key Takeaways
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई 2025) की पूर्व संध्या पर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने जिले में व्यापक सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पूरे जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित कर विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। 30 अप्रैल से प्रभावी यह व्यवस्था 8 मई 2025 तक जारी रहेगी।
जोनल-सेक्टर व्यवस्था का ढाँचा
कमिश्नरेट क्षेत्र को तीन प्रमुख खंडों में बाँटा गया है। नोएडा जोन को 4 जोन और 16 सेक्टरों में, सेंट्रल नोएडा को 3 जोन और 24 सेक्टरों में तथा ग्रेटर नोएडा को 4 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इस संरचना का उद्देश्य हर क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय स्थिति से त्वरित निपटान करना है।
तैनात बल का विवरण
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अन्य जनपदों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। तैनात बल में 6 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी (डिप्टी एसपी), 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 आरक्षी और 200 महिला आरक्षी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 10 कंपनियाँ पीएसी (PAC) की भी तैनाती की गई है। कमिश्नरेट स्तर पर 2 डीसीपी, 3 एडिशनल डीसीपी और 4 एसीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी ड्यूटी पर हैं।
आधुनिक तकनीक से निगरानी
पारंपरिक गश्त के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। 50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। कंट्रोल रूम में एक राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जो सभी गतिविधियों पर निरंतर नज़र बनाए हुए हैं और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
धारा 163 लागू, श्रमिक संगठनों पर नज़र
श्रमिक संगठनों के संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए 30 अप्रैल से 8 मई 2025 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, लघु उद्योग क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस तैनाती की गई है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के ज़रिए आम जनता को शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी जा रही है। मोबाइल पुलिस टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और आईटी हब में से एक है, जहाँ श्रमिक दिवस पर बड़े पैमाने पर आयोजन होते हैं। प्रशासन की यह सतर्कता इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए की गई है।