अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर गौतमबुद्धनगर में कड़ी सुरक्षा: 11 जोन, 49 सेक्टर, 50+ ड्रोन तैनात

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अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर गौतमबुद्धनगर में कड़ी सुरक्षा: 11 जोन, 49 सेक्टर, 50+ ड्रोन तैनात

सारांश

श्रमिक दिवस 2025 से पहले गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा बना दिया है — 11 जोन, 49 सेक्टर, 50+ ड्रोन और हज़ारों पुलिसकर्मी। 30 अप्रैल से 8 मई तक धारा 163 लागू, संभावित श्रमिक प्रदर्शनों को देखते हुए।

Key Takeaways

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर गौतमबुद्धनगर को 11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित किया गया। तैनात बल में 6 एसपी , 14 अपर एसपी , 900 आरक्षी , 200 महिला आरक्षी और 10 PAC कंपनियाँ शामिल। 50 से अधिक स्थानों पर ड्रोन कैमरे और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी से निगरानी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 30 अप्रैल से 8 मई 2025 तक लागू। औद्योगिक इकाइयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस तैनाती।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई 2025) की पूर्व संध्या पर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने जिले में व्यापक सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पूरे जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित कर विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। 30 अप्रैल से प्रभावी यह व्यवस्था 8 मई 2025 तक जारी रहेगी।

जोनल-सेक्टर व्यवस्था का ढाँचा

कमिश्नरेट क्षेत्र को तीन प्रमुख खंडों में बाँटा गया है। नोएडा जोन को 4 जोन और 16 सेक्टरों में, सेंट्रल नोएडा को 3 जोन और 24 सेक्टरों में तथा ग्रेटर नोएडा को 4 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इस संरचना का उद्देश्य हर क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय स्थिति से त्वरित निपटान करना है।

तैनात बल का विवरण

सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अन्य जनपदों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। तैनात बल में 6 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी (डिप्टी एसपी), 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 आरक्षी और 200 महिला आरक्षी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 10 कंपनियाँ पीएसी (PAC) की भी तैनाती की गई है। कमिश्नरेट स्तर पर 2 डीसीपी, 3 एडिशनल डीसीपी और 4 एसीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी ड्यूटी पर हैं।

आधुनिक तकनीक से निगरानी

पारंपरिक गश्त के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। 50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। कंट्रोल रूम में एक राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जो सभी गतिविधियों पर निरंतर नज़र बनाए हुए हैं और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।

धारा 163 लागू, श्रमिक संगठनों पर नज़र

श्रमिक संगठनों के संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए 30 अप्रैल से 8 मई 2025 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, लघु उद्योग क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस तैनाती की गई है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के ज़रिए आम जनता को शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी जा रही है। मोबाइल पुलिस टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और आईटी हब में से एक है, जहाँ श्रमिक दिवस पर बड़े पैमाने पर आयोजन होते हैं। प्रशासन की यह सतर्कता इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए की गई है।

Point of View

जहाँ लाखों प्रवासी और संगठित-असंगठित श्रमिक कार्यरत हैं — ऐसे में श्रमिक दिवस पर यह व्यापक सुरक्षा तंत्र स्वाभाविक है। लेकिन धारा 163 का नौ दिनों तक लागू रहना यह भी संकेत देता है कि प्रशासन श्रमिक संगठनों के आंदोलन को लेकर अतिरिक्त सतर्क है। यह सवाल उठता है कि क्या सुरक्षा प्रबंध शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को सीमित तो नहीं कर रहे — एक ऐसा संतुलन जो हर लोकतंत्र में नाज़ुक होता है। प्रशासन की पारदर्शिता और श्रमिक संगठनों के साथ संवाद इस तनाव को कम करने की कुंजी होगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

गौतमबुद्धनगर में श्रमिक दिवस पर क्या सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं?
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित कर हज़ारों पुलिसकर्मी, 10 PAC कंपनियाँ और 50 से अधिक ड्रोन कैमरे तैनात किए हैं। यह व्यवस्था 30 अप्रैल से 8 मई 2025 तक प्रभावी रहेगी।
धारा 163 क्यों लागू की गई है और यह कब तक रहेगी?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 श्रमिक संगठनों के संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए 30 अप्रैल से 8 मई 2025 तक लागू की गई है। यह धारा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए भीड़ और सभाओं पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है।
गौतमबुद्धनगर में ड्रोन निगरानी कहाँ-कहाँ की जा रही है?
50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है, जिसमें औद्योगिक इकाइयाँ, बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ, लघु उद्योग क्षेत्र और संवेदनशील इलाके शामिल हैं। मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं।
कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं?
तैनाती में 6 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी, 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 आरक्षी, 200 महिला आरक्षी और 10 PAC कंपनियाँ शामिल हैं। अन्य जनपदों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था कैसे बाँटी गई है?
नोएडा जोन को 4 जोन और 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा को 3 जोन और 24 सेक्टर तथा ग्रेटर नोएडा को 4 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यह विभाजन हर क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
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