राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में दी चुनौती

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राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में दी चुनौती

सारांश

हरभजन सिंह का कोर्ट में कदम एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का संकेत है। राघव चड्ढा के BJP में शामिल होने की घोषणा के बाद जब पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा हटा दी, तो केंद्र सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अब कोर्ट के सामने यह सवाल है कि क्या सुरक्षा राजनीतिक विचारों पर निर्भर होनी चाहिए।

Key Takeaways

हरभजन सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा के BJP ज्वाइन करने के बाद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ली। केंद्र सरकार ने CRPF के माध्यम से Y-कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की। हरभजन सिंह के आवास पर 'गद्दार' लिखा गया और भीड़ ने हमले की कोशिश की। कोर्ट ने दोनों सरकारों को सुरक्षा हटाने के आधार स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। 30 अप्रैल 2026 को दाखिल की गई इस याचिका में सिंह ने सुरक्षा वापस लिए जाने के आधार को स्पष्ट करने की माँग की है और साथ ही उस घटना पर कार्रवाई की भी माँग की है, जिसमें कथित तौर पर उनके आवास के बाहर 'गद्दार' लिखा गया था।

कोर्ट ने जारी किए नोटिस

हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी करते हुए लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से विस्तार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सुरक्षा समीक्षा के किन आधारों पर सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया गया था। साथ ही, कोर्ट ने 'गद्दार' लिखे जाने की घटना के संबंध में अब तक की जाँच-कार्रवाई की जानकारी माँगी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

हरभजन सिंह की सुरक्षा हटाने की घटना एक बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम के बाद हुई थी। कुछ दिन पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा की थी। चड्ढा ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह सहित कई राज्यसभा सांसद BJP में शामिल होने वाले हैं।

सुरक्षा हटाई गई और फिर बहाल की गई

चड्ढा के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने रविवार को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली। इस घटना के बाद AAP के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें नारेबाज़ी भी हुई। कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए हरभजन सिंह को CRPF की ओर से Y-कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की।

हमले की कोशिश और कानूनी कार्रवाई

सुरक्षा हटाए जाने के दौरान हरभजन सिंह के आवास के बाहर भीड़ ने हमला करने की कोशिश भी की थी, और उनके घर की दीवार पर 'गद्दार' लिखा गया था। हरभजन सिंह की याचिका में इस घटना की जाँच और उचित कार्रवाई की माँग की गई है। कोर्ट की सुनवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि यह मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक व्यवहार और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा है।

आगे की कार्रवाई

हाईकोर्ट की अगली सुनवाई का समय अभी निर्धारित नहीं किया गया है। दोनों सरकारों को अपने जवाब दाखिल करने का समय दिया जाएगा, जिसके बाद कोर्ट अपना निर्णय सुनाएगा। यह मामला राजनीतिक संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बीच तनाव को दर्शाता है।

Point of View

न कि कोई वस्तुनिष्ठ सुरक्षा मूल्यांकन। भीड़ द्वारा उनके घर के बाहर 'गद्दार' लिखा जाना और हमले की कोशिश करना कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। हाईकोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका कार्यपालिका की राजनीतिक निर्णयों पर जाँच रखने के लिए तैयार है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सरकार नागरिकों की सुरक्षा को पार्टी की राजनीति से अलग रख सकती है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

हरभजन सिंह की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
पंजाब सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के आधार पर हरभजन सिंह की सुरक्षा हटाई थी। यह कदम राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के तुरंत बाद उठाया गया था। हालाँकि, सरकार ने अभी तक सुरक्षा हटाने के विस्तृत कारण नहीं बताए हैं।
हरभजन सिंह को अभी कौन-सी सुरक्षा मिल रही है?
केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF की ओर से Y-कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के कुछ घंटों बाद दी गई थी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं?
कोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से सुरक्षा हटाने के आधार और 'गद्दार' लिखे जाने की घटना पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी माँगी है।
राघव चड्ढा ने किन सांसदों के नाम लिए थे?
राघव चड्ढा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह के नाम लिए थे, जिन्होंने कथित तौर पर भाजपा में शामिल होने पर सहमति दी थी।
हरभजन सिंह के घर के बाहर क्या घटना हुई?
पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के बाद AAP के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसी दौरान उनके घर की दीवार पर 'गद्दार' लिखा गया और भीड़ ने हमला करने की कोशिश की। हरभजन सिंह ने इस घटना पर कार्रवाई की माँग की है।
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