तिरुवन्नामलाई चित्रा पूर्णिमा 2025: 25 लाख भक्तों के लिए 11,823 बसें और विशेष ट्रेनें तैनात

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तिरुवन्नामलाई चित्रा पूर्णिमा 2025: 25 लाख भक्तों के लिए 11,823 बसें और विशेष ट्रेनें तैनात

सारांश

तिरुवन्नामलाई में चित्रा पूर्णिमा गिरिवलम के लिए 25 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद के बीच दक्षिणी रेलवे और तमिलनाडु परिवहन विभाग ने 11,823 बसें और कई विशेष ट्रेनें तैनात की हैं। 1 मई से शुरू होने वाली यह सेवाएँ राज्य के सबसे बड़े तीर्थयात्रा आयोजन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

Key Takeaways

तिरुवन्नामलाई में चित्रा पूर्णिमा गिरिवलम में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। दक्षिणी रेलवे ने 1 मई से तीन दिनों के लिए विलुप्पुरम-तिरुवन्नामलाई और काटपाडी सेक्शन पर अनारक्षित विशेष ट्रेनें और मेमू सेवाएँ शुरू की हैं। तमिलनाडु परिवहन विभाग ने 1,613 विशेष बसों सहित कुल 11,823 बसें तैनात की हैं। KCBT से 1 मई को 565 बसें और 40 वातानुकूलित SETC बसें भी चलाई जाएंगी। अड्यार और MMBT से भी क्रमशः 105 और 174 विशेष बसें संचालित होंगी।

तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में इस वर्ष के चित्रा पूर्णिमा गिरिवलम में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिणी रेलवे और तमिलनाडु परिवहन विभाग ने 1 मई से विशेष ट्रेन व बस सेवाओं की व्यापक तैनाती की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार यह समन्वित परिवहन योजना तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित, सुगम और परेशानी-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

रेल सेवाओं का विस्तृत कार्यक्रम

दक्षिणी रेलवे ने 1 मई से शुरू होने वाले तीन दिनों के लिए विलुप्पुरम-तिरुवन्नामलाई और काटपाडी-तिरुवन्नामलाई-विलुप्पुरम सेक्शन पर अनारक्षित विशेष ट्रेनों और मेमू सेवाओं की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य अरुणाचल पहाड़ी की पवित्र परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल बनाना है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, विलुप्पुरम से बिना आरक्षण वाली स्पेशल ट्रेनें 1 और 2 मई को सुबह 10 बजे और रात 9.15 बजे रवाना होंगी और क्रमशः सुबह 11.45 बजे तथा रात 10.45 बजे तिरुवन्नामलाई पहुँचेंगी। वापसी में ट्रेनें उन्हीं दिनों दोपहर 12.15 बजे तिरुवन्नामलाई से रवाना होकर दोपहर 1.45 बजे विलुप्पुरम पहुँचेंगी।

सुबह-सवेरे यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेमू स्पेशल सेवाएँ भी निर्धारित की गई हैं। तिरुवन्नामलाई-विलुप्पुरम मेमू ट्रेनें 1, 2 और 3 मई को रात 2 बजे रवाना होंगी और सुबह 4 बजे तक विलुप्पुरम पहुँचेंगी। आगे की कनेक्टिविटी के लिए विलुप्पुरम-कटपाडी मेमू सेवाएँ 1 और 2 मई को रात 10.40 बजे विलुप्पुरम से रवाना होकर अगले दिन सुबह 1.50 बजे कटपाडी पहुँचेंगी। कटपाडी से लौटने वाली मेमू ट्रेनें 1, 2 और 3 मई को रात 2.05 बजे रवाना होकर सुबह 5 बजे विलुप्पुरम पहुँचेंगी।

बस सेवाओं की विशाल तैनाती

तमिलनाडु परिवहन विभाग ने उत्सव के दौरान चेन्नई से तिरुवन्नामलाई के लिए 1,613 विशेष बसों की तैनाती की घोषणा की है। नियमित सेवाओं समेत कुल 11,823 बसें चेन्नई और राज्य के अन्य हिस्सों से संचालित होंगी।

किलंबक्कम स्थित कलाईनार शताब्दी बस टर्मिनस (KCBT) से बड़ी संख्या में बसें रवाना होंगी — 1 मई को 565 बसें और 2 मई को 35 बसें निर्धारित हैं। माधवराम मोफुसिल बस टर्मिनस (MMBT) से 1 मई को 174 बसें चलेंगी, जबकि अड्यार से दोनों दिन 105 विशेष बसें संचालित की जाएंगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए 1 मई को KCBT से तिरुवन्नामलाई के लिए नियमित लंबी दूरी की सेवाओं के साथ-साथ 40 वातानुकूलित SETC बसें भी चलाई जाएंगी।

गिरिवलम का महत्व

चित्रा पूर्णिमा पर तिरुवन्नामलाई में अरुणाचलेश्वर मंदिर के इर्द-गिर्द की जाने वाली गिरिवलम (पर्वत परिक्रमा) तमिलनाडु के सबसे बड़े तीर्थयात्रा समागमों में से एक मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। गौरतलब है कि हर पूर्णिमा पर यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं, किंतु चित्रा पूर्णिमा सबसे बड़ा आयोजन होता है।

आम जनता पर असर और सुझाव

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे विशेष ट्रेन और बस सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें ताकि सड़कों पर अनावश्यक भीड़ न हो। इस समन्वित परिवहन योजना से न केवल तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि यातायात प्रबंधन भी सुचारू रहेगा। आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजनों के लिए स्थायी बुनियादी ढाँचे की माँग भी तेज़ होने की संभावना है।

Point of View

823 बसों और विशेष ट्रेनों की तैनाती निस्संदेह प्रशंसनीय है, लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन की होगी। पिछले वर्षों में बड़े तीर्थ आयोजनों में घोषित सेवाएँ अक्सर माँग के मुकाबले कम पड़ जाती हैं और भीड़ प्रबंधन की चुनौती बनी रहती है। तिरुवन्नामलाई जैसे आयोजनों के लिए स्थायी और विस्तारित रेल संपर्क की माँग वर्षों से उठती रही है, जिस पर दीर्घकालिक समाधान अभी भी अपेक्षित है। यदि इस वर्ष की योजना सफल रही, तो यह भविष्य के धार्मिक आयोजनों के लिए एक मॉडल बन सकती है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

चित्रा पूर्णिमा गिरिवलम 2025 के लिए कौन-सी विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी?
दक्षिणी रेलवे ने 1 मई से तीन दिनों के लिए विलुप्पुरम-तिरुवन्नामलाई और काटपाडी-तिरुवन्नामलाई-विलुप्पुरम सेक्शन पर अनारक्षित विशेष ट्रेनें और मेमू सेवाएँ घोषित की हैं। विलुप्पुरम से ट्रेनें 1 और 2 मई को सुबह 10 बजे व रात 9.15 बजे रवाना होंगी।
चेन्नई से तिरुवन्नामलाई के लिए कितनी बसें चलेंगी?
तमिलनाडु परिवहन विभाग ने 1,613 विशेष बसों सहित कुल 11,823 बसें चेन्नई और राज्य के अन्य हिस्सों से संचालित करने की घोषणा की है। KCBT से 1 मई को 565 और 2 मई को 35 बसें निर्धारित हैं।
चित्रा पूर्णिमा गिरिवलम क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
चित्रा पूर्णिमा पर तिरुवन्नामलाई में अरुणाचलेश्वर मंदिर के इर्द-गिर्द की जाने वाली पर्वत परिक्रमा को गिरिवलम कहते हैं। यह तमिलनाडु के सबसे बड़े तीर्थयात्रा समागमों में से एक है, जिसमें इस वर्ष 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
वातानुकूलित बस सेवा कहाँ से उपलब्ध होगी?
1 मई को KCBT (कलाईनार शताब्दी बस टर्मिनस, किलंबक्कम) से तिरुवन्नामलाई के लिए 40 वातानुकूलित SETC बसें चलाई जाएंगी। ये नियमित लंबी दूरी की सेवाओं के अतिरिक्त होंगी।
मेमू ट्रेनें किस समय उपलब्ध होंगी?
तिरुवन्नामलाई-विलुप्पुरम मेमू ट्रेनें 1, 2 और 3 मई को रात 2 बजे रवाना होकर सुबह 4 बजे विलुप्पुरम पहुँचेंगी। कटपाडी से लौटने वाली मेमू ट्रेनें भी इन्हीं तीन दिनों में रात 2.05 बजे रवाना होकर सुबह 5 बजे विलुप्पुरम पहुँचेंगी।
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