शिवराज सिंह चौहान का 1 मई को ओडिशा दौरा: ₹1,698 करोड़ की 827 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 1 मई 2025 को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे रायगड़ा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत ₹1,698.04 करोड़ की लागत वाली 827 सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1,701.84 किलोमीटर है और इनसे 898 बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्यक्रम रायगड़ा के आईएसीआर ग्राउंड, बरिजोला में आयोजित होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान PMGSY-IV की स्वीकृति का पत्र ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सौंपेंगे। इसके बाद दोनों नेता संयुक्त रूप से परियोजनाओं का शुभारंभ एवं शिलान्यास करेंगे तथा लाभार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में ओडिशा के ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के मंत्री रबी नारायण नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और राज्य व केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
आम जनता पर असर
नई सड़कें ओडिशा के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में स्कूल, अस्पताल, ग्रामीण मंडियों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुँच को सुगम बनाएंगी। 898 बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क मिलने से स्थानीय व्यापार, रोज़गार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि रायगड़ा ओडिशा के उन जिलों में शामिल है जहाँ ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की सबसे अधिक आवश्यकता है।
ओडिशा में PMGSY की अब तक की प्रगति
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ओडिशा पहले से ही उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कर चुका है। राज्य में PMGSY के विभिन्न घटकों के तहत अब तक 17,963 सड़कों, 74,725 किलोमीटर लंबाई और 707 पुलों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 17,760 सड़कें, 71,742 किलोमीटर लंबाई और 658 पुल पूरे भी हो चुके हैं। यह आँकड़े राज्य में ग्रामीण सड़क निर्माण की तेज़ रफ्तार को दर्शाते हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ाव
इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जोड़ा गया है, जिसमें बेहतर संपर्कता, तेज़ आर्थिक गतिविधि और दूरस्थ बसावटों के सशक्तिकरण पर जोर है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के विस्तार को प्राथमिकता दे रही हैं।
रायगड़ा में 1 मई को होने वाला यह आयोजन केवल नई स्वीकृति का अवसर नहीं, बल्कि ओडिशा की ग्रामीण विकास यात्रा को नई शक्ति देने वाला मील का पत्थर साबित हो सकता है।