बरगी डैम नाव हादसा: तूफान में पर्यटक नाव पलटी, 4 की मौत और 18 लापता; SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सारांश
Key Takeaways
जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब अचानक आए भीषण तूफान के कारण एक पर्यटक नाव पलट गई और 4 लोगों की मौत हो गई। नाव में सवार 30 से अधिक यात्रियों में से 18 अभी भी लापता हैं, जबकि 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोर युद्धस्तर पर खोज अभियान चला रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह दुर्घटना नर्मदा नदी के विशाल बैकवाटर में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल खमरिया द्वीप के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम की नौका विहार के दौरान अचानक आसमान में अंधेरा छाने लगा और तेज हवाओं ने जलाशय को अपनी चपेट में ले लिया। तूफान की तीव्रता बढ़ने के साथ ही लहरें उफान पर आ गईं और नाव का संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही पलों में नाव हिचकोले खाते हुए पलट गई, जिससे दर्जनों पर्यटक बरगी डैम के गहरे पानी में जा गिरे।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया है कि नाव पलटने का मुख्य कारण मौसम की भीषण तीव्रता प्रतीत होती है, जिसके चलते चालक दल के पास सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के लिए बेहद कम समय बचा था।
बचाव अभियान की स्थिति
सूचना मिलते ही बरगी पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं। बरगी जोन के नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयांक मिश्रा ने पुष्टि की है कि अब तक पानी से 4 शव बरामद किए जा चुके हैं और 15 लोगों को सफलतापूर्वक बचाया गया है। गोताखोर खमरिया द्वीप के पास डूबी हुई नाव और आसपास की धाराओं में खोज अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 18 लोग लापता हैं, हालाँकि यात्रियों के विवरण का मिलान जीवित बचे लोगों के बयानों और उपलब्ध रिकॉर्ड से किया जा रहा है, इसलिए आधिकारिक आँकड़ों को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
चुनौतियाँ और बाधाएँ
कम होते प्रकाश और बरगी डैम के विशाल जलीय विस्तार के कारण बचाव दल को गंभीर रसद संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून तूफानी मौसम का सिलसिला जारी है, जो जल पर्यटन के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा करता है।
बरगी डैम और पर्यटन
मध्य प्रदेश में बरगी डैम जल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र है। शाम की नौका विहार इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण रही है। गौरतलब है कि यह घटना पर्यटक नौकाओं में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाने और मौसम की चेतावनियों की अनदेखी जैसे सुरक्षा सवालों को एक बार फिर उठाती है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के बाद इस पहलू पर स्पष्टता आएगी।
बचाव अभियान अभी भी जारी है और लापता यात्रियों की तलाश में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।