मध्य प्रदेश में IMD की बड़ी चेतावनी: तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा, बरगी बांध नाव हादसे में 4 की मौत
सारांश
Key Takeaways
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों के लिए गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले 24 घंटों में ओलावृष्टि, गरज के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसी बीच जबलपुर के बरगी बांध जलाशय में खराब मौसम के कारण एक पर्यटक नाव पलट गई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 18 लोग अभी भी लापता हैं।
मौसम चेतावनी का विस्तार
IMD के अनुसार, गुरुवार रात भिंड, दतिया, रतनगढ़, पश्चिम शिवपुरी, ग्वालियर, अशोकनगर, पन्ना, टीकमगढ़, कटनी, जबलपुर, भेड़ाघाट और सिवनी जैसे जिलों में मध्यम गरज के साथ बिजली गिरने और 60 किमी/घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में इन तेज हवाओं के साथ ओले भी पड़ सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, राजगढ़, पूर्वी शिवपुरी, निवाड़ी, ओरछा, सतना, चित्रकूट, मैहर, उमरिया, बांधवगढ़, मंडला, कान्हा, बालाघाट, डिंडोरी, शाजापुर, श्योपुर कलां, भोपाल, बैरागढ़, मुरैना, नरसिंहपुर, दमोह, छतरपुर, खजुराहो, विदिशा, उदयगिरि, रायसेन, सांची, भीमबेटका, सीहोर, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, रीवा और सागर में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश के साथ हल्की आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
मौसमी गड़बड़ी के कारण
मौसम विभाग के अनुसार, ये प्रतिकूल परिस्थितियाँ जटिल मौसमी प्रणालियों के कारण उत्पन्न हो रही हैं। जम्मू और कश्मीर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, तथा उत्तरी पंजाब और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर प्रेरित परिसंचरण मिलकर इस अस्थिर मौसम को जन्म दे रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अप्रैल-मई में उत्तर-मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार इसका विस्तार व्यापक है।
बरगी बांध नाव हादसा
गंभीर मौसम के बीच जबलपुर के बरगी बांध जलाशय में एक पर्यटक नाव खराब मौसम की चपेट में आकर पलट गई। अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, 4 अन्य लोग डूब गए और 18 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान जारी है।
नागरिकों और किसानों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश
IMD के मौसम विज्ञान केंद्र ने नागरिकों को घर के अंदर रहने, खिड़कियाँ और दरवाजे बंद रखने तथा जरूरी न होने पर यात्रा से बचने की सलाह दी है। बिजली गिरने और गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जल स्रोतों से दूर रहना अत्यंत जरूरी बताया गया है।
किसानों से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि वे खेतों में काम स्थगित कर दें और खड़ी फसलों, फलों तथा सब्जियों को ओलावृष्टि से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए एहतियाती उपाय करें। पशुओं को रात के समय सुरक्षित और ढके हुए आश्रयों में रखने की भी सलाह दी गई है।
आगे की स्थिति
मौसम विभाग की यह चेतावनी प्रदेश के लगभग सभी संभागों को प्रभावित करती है। नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। बरगी बांध हादसे के मद्देनजर जलाशयों और नदियों के किनारे पर्यटन गतिविधियों पर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।