गुजरात में 'सिंगल क्लिक पेमेंट' से 11,029 औद्योगिक लाभार्थियों को ₹1,349 करोड़ वितरित

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गुजरात में 'सिंगल क्लिक पेमेंट' से 11,029 औद्योगिक लाभार्थियों को ₹1,349 करोड़ वितरित

सारांश

गुजरात सरकार ने एक ही डिजिटल क्लिक में ₹1,349 करोड़ सीधे 11,029 लाभार्थियों के खातों में भेजे — यह सिर्फ एक भुगतान नहीं, बल्कि राज्य की औद्योगिक सहायता प्रणाली को बिचौलियों से मुक्त करने का संकेत है।

Key Takeaways

गुजरात सरकार ने 30 अप्रैल 2026 को ₹1,349.50 करोड़ एक ही ई-पेमेंट के जरिए 11,029 लाभार्थियों को वितरित किए। एमएसएमई योजनाओं के तहत 7,495 लाभार्थियों को ₹299.75 करोड़ दिए गए। कपड़ा योजनाओं के अंतर्गत 3,423 लाभार्थियों को ₹538.76 करोड़ मिले। बड़े उद्योगों की श्रेणी में 111 लाभार्थियों को ₹510.99 करोड़ आवंटित। वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का मुख्य आयोजन 1-2 मई को सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में होगा।

गुजरात सरकार ने 30 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक डिजिटल कदम उठाते हुए 'सिंगल क्लिक पेमेंट प्रोग्राम' के जरिए 11,029 औद्योगिक लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹1,349.50 करोड़ ट्रांसफर किए। यह संपूर्ण राशि एक ही ई-पेमेंट लेनदेन में वितरित की गई, जो वित्तीय सहायता वितरण में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा एकल डिजिटल प्रयास बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

यह कार्यक्रम सूरत में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) के दौरान संपन्न हुआ, जिसमें उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। राज्य के उद्योग एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने इस पहल को मूर्त रूप दिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में एक ही बार में ट्रांसफर कर दी गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई।

श्रेणीवार वितरण का ब्यौरा

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस वितरण को तीन प्रमुख श्रेणियों में बाँटा गया। विभिन्न एमएसएमई योजनाओं के तहत 7,495 लाभार्थियों को ₹299.75 करोड़ दिए गए। कपड़ा योजनाओं के अंतर्गत 3,423 लाभार्थियों को ₹538.76 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। वहीं, बड़े उद्योगों की श्रेणी में 111 लाभार्थियों को ₹510.99 करोड़ आवंटित किए गए। गौरतलब है कि कपड़ा और बड़े उद्योग क्षेत्र मिलकर कुल वितरित राशि के लगभग 78% हिस्से के लाभार्थी रहे।

सरकार की प्रतिक्रिया और दृष्टिकोण

उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने इस अवसर पर कहा,

Point of View

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये राशि वास्तव में उन सूक्ष्म उद्यमों तक पहुँची जो अभी भी बैंकिंग और डिजिटल साक्षरता की बाधाओं से जूझ रहे हैं। ₹1,349 करोड़ में से ₹510.99 करोड़ यानी लगभग 38% केवल 111 बड़े उद्योगों को गया — जबकि 7,495 एमएसएमई इकाइयों को मात्र ₹299.75 करोड़ मिले। यह असंतुलन नीति की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। वाइब्रेंट गुजरात के मंच पर इस घोषणा का समय भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश जैसा लगता है — जब तक क्रियान्वयन की जमीनी रिपोर्ट सामने न आए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात सिंगल क्लिक पेमेंट प्रोग्राम क्या है?
यह गुजरात सरकार के उद्योग एवं एमएसएमई विभाग की एक डिजिटल पहल है, जिसके तहत औद्योगिक सहायता योजनाओं की राशि एक ही ई-पेमेंट लेनदेन में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। 30 अप्रैल 2026 को इसके जरिए 11,029 लाभार्थियों को ₹1,349.50 करोड़ वितरित किए गए।
किन श्रेणियों के लाभार्थियों को यह राशि मिली?
तीन श्रेणियों में वितरण हुआ — एमएसएमई योजनाओं के तहत 7,495 लाभार्थियों को ₹299.75 करोड़, कपड़ा योजनाओं के तहत 3,423 लाभार्थियों को ₹538.76 करोड़, और बड़े उद्योगों की श्रेणी में 111 लाभार्थियों को ₹510.99 करोड़ दिए गए।
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) का मुख्य आयोजन 1 और 2 मई 2026 को सूरत स्थित ऑरो विश्वविद्यालय में होगा। इसके साथ 1 से 5 मई तक क्षेत्रीय प्रदर्शनी, वेंडर विकास कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय 'रिवर्स बायर-सेलर मीट' भी आयोजित की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक सहायता वितरण को पारदर्शी, तेज और तकनीक-आधारित बनाना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में यह कदम औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा बताया गया है।
एमएसएमई क्षेत्र को इस वितरण से कितना लाभ मिला?
एमएसएमई योजनाओं के तहत कुल 7,495 लाभार्थियों को ₹299.75 करोड़ मिले, जो कुल वितरित राशि का लगभग 22% है। सरकार के अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जा रही हैं।
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