एनआईए ने मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड का मुख्य आरोपी ओतखोथांग बैते गिरफ्तार किया
सारांश
Key Takeaways
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 30 अप्रैल 2025 को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह निवासी ओतखोथांग बैते उर्फ ओथांग बैते को गिरफ्तार किया, जो 31 अक्टूबर 2023 को सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) चिंगथम आनंदकुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी है। एनआईए के अनुसार, आरोपी मोरेह में जिला पुलिस टीम पर हुए घातक हमले की साजिश में केंद्रीय भूमिका में था।
मुख्य घटनाक्रम
31 अक्टूबर 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा अपने चरम पर थी। उसी दिन संदिग्ध कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों ने मोरेह के एक खेल के मैदान में जिला पुलिस टीम पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह के पेट में गोली लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य राज्य में दहशत फैलाना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना था।
एनआईए की जांच और केस विवरण
यह मामला शुरू में मोरेह पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। मार्च 2024 में एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में लेकर केस नंबर आरसी-02/2024/एनआईए/आईएमपी के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि ओतखोथांग बैते इस हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल था। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में एनआईए ने इस मामले में एक अन्य आरोपी कामगिनथांग गांगते को भी गिरफ्तार किया था।
आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ओतखोथांग बैते से पूछताछ जारी है। मामले में अन्य सहयोगियों और उग्रवादी संगठनों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि राज्य में शांति व्यवस्था बहाल करने और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत है।
मणिपुर में जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर कई हमले हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और केंद्रीय एजेंसियाँ इन मामलों की जांच में तेज़ी ला रही हैं। एनआईए इन सभी गंभीर मामलों की जांच कर रही है और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के प्रयास जारी हैं।
एनआईए की सफलता का महत्व
यह गिरफ्तारी मणिपुर में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों की जांच में एनआईए की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। एजेंसी अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने में लगी है जो इस हमले को अंजाम देने वाले नेटवर्क तक पहुँचाती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।