26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनआईए ने मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड का मुख्य आरोपी ओतखोथांग बैते गिरफ्तार किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनआईए ने मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड का मुख्य आरोपी ओतखोथांग बैते गिरफ्तार किया

सारांश

एनआईए ने मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड में बड़ी सफलता पाई है — मुख्य आरोपी ओतखोथांग बैते को गिरफ्तार कर लिया गया है। 31 अक्टूबर 2023 को मोरेह में हुए इस हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह की जान गई थी। यह मणिपुर की जातीय हिंसा से जुड़े मामलों में एनआईए की जांच का अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 30 अप्रैल 2025 को मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड का मुख्य आरोपी ओतखोथांग बैते उर्फ ओथांग बैते को गिरफ्तार किया।
31 अक्टूबर 2023 को मोरेह के खेल के मैदान में जिला पुलिस टीम पर हुई गोलीबारी में एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह की मृत्यु हो गई थी।
एनआईए ने मार्च 2024 में यह मामला अपने हाथ में लेकर केस नंबर आरसी-02/2024/एनआईए/आईएमपी के तहत जांच शुरू की।
इसी महीने की शुरुआत में एक अन्य आरोपी कामगिनथांग गांगते को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी से पूछताछ जारी है और अन्य सहयोगियों तथा उग्रवादी संगठनों की भूमिका की जांच की जा रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 30 अप्रैल 2025 को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह निवासी ओतखोथांग बैते उर्फ ओथांग बैते को गिरफ्तार किया, जो 31 अक्टूबर 2023 को सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) चिंगथम आनंदकुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी है। एनआईए के अनुसार, आरोपी मोरेह में जिला पुलिस टीम पर हुए घातक हमले की साजिश में केंद्रीय भूमिका में था।

मुख्य घटनाक्रम

31 अक्टूबर 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा अपने चरम पर थी। उसी दिन संदिग्ध कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों ने मोरेह के एक खेल के मैदान में जिला पुलिस टीम पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह के पेट में गोली लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य राज्य में दहशत फैलाना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना था।

एनआईए की जांच और केस विवरण

यह मामला शुरू में मोरेह पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। मार्च 2024 में एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में लेकर केस नंबर आरसी-02/2024/एनआईए/आईएमपी के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि ओतखोथांग बैते इस हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल था। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में एनआईए ने इस मामले में एक अन्य आरोपी कामगिनथांग गांगते को भी गिरफ्तार किया था।

आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ओतखोथांग बैते से पूछताछ जारी है। मामले में अन्य सहयोगियों और उग्रवादी संगठनों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि राज्य में शांति व्यवस्था बहाल करने और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत है।

मणिपुर में जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि

मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर कई हमले हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और केंद्रीय एजेंसियाँ इन मामलों की जांच में तेज़ी ला रही हैं। एनआईए इन सभी गंभीर मामलों की जांच कर रही है और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के प्रयास जारी हैं।

एनआईए की सफलता का महत्व

यह गिरफ्तारी मणिपुर में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों की जांच में एनआईए की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। एजेंसी अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने में लगी है जो इस हमले को अंजाम देने वाले नेटवर्क तक पहुँचाती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि गिरफ्तारियाँ न्यायिक परिणामों में कितनी तेज़ी से बदलती हैं। मणिपुर में दर्जनों हिंसा के मामले अभी भी जांच के विभिन्न चरणों में हैं और दोषसिद्धि की दर चिंताजनक रूप से कम रही है। इस गिरफ्तारी से उग्रवादी नेटवर्क पर दबाव ज़रूर बढ़ेगा, पर जब तक राज्य में राजनीतिक समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, केवल कानूनी कार्रवाई स्थायी शांति की गारंटी नहीं दे सकती।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड में एनआईए ने किसे गिरफ्तार किया?
एनआईए ने 30 अप्रैल 2025 को ओतखोथांग बैते उर्फ ओथांग बैते को गिरफ्तार किया, जो मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह का निवासी है। वह एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह की हत्या की साजिश में मुख्य आरोपी बताया गया है।
एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह की हत्या कैसे हुई?
31 अक्टूबर 2023 को मोरेह के एक खेल के मैदान में संदिग्ध कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों ने जिला पुलिस टीम पर गोलीबारी की। एसडीपीओ चिंगथम आनंदकुमार सिंह के पेट में गोली लगी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
एनआईए ने यह मामला कब अपने हाथ में लिया?
यह मामला शुरू में मोरेह पुलिस थाने में दर्ज था। मार्च 2024 में एनआईए ने इसे अपने हाथ में लेकर केस नंबर आरसी-02/2024/एनआईए/आईएमपी के तहत जांच शुरू की।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
अप्रैल 2025 तक इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — पहले कामगिनथांग गांगते और अब ओतखोथांग बैते। एनआईए के अनुसार अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
मणिपुर में जातीय हिंसा की शुरुआत कब हुई?
मणिपुर में जातीय हिंसा मई 2023 से शुरू हुई, जिसके बाद से सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर कई हमले हो चुके हैं। एनआईए इन सभी गंभीर मामलों की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले