4 अगस्त 2026
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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान-अमेरिका की नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी

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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान-अमेरिका की नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका दोनों की नाकेबंदी गैरकानूनी है — यह कहना है पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी का। उनके अनुसार ईरान ने इस संकट में रणनीतिक बढ़त हासिल की है, जबकि भारत जैसे देश व्यापारिक नुकसान झेल रहे हैं। मलक्का स्ट्रेट पर टोल की बात से 'जिन्न बोतल से बाहर' आ चुका है।

मुख्य बातें

पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने 30 अप्रैल 2026 को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका दोनों की नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
सूरी ने माँग की कि स्ट्रेट की स्थिति 28 फरवरी से पहले वाली — यानी खुले अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग — जैसी बहाल हो।
उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज पर पकड़ बनाकर रणनीतिक बढ़त हासिल की है, जबकि अमेरिका की जीत केवल सामरिक (tactical) स्तर पर है।
सूरी ने चेताया कि ईरान भविष्य में होर्मुज पर टोल, मैनेजमेंट फीस या मेंटेनेंस चार्ज लगा सकता है, जिससे भारत की आयात-निर्यात लागत बढ़ेगी।
इंडोनेशिया के एक मंत्री द्वारा मलक्का स्ट्रेट पर टोल की संभावना जताए जाने का उन्होंने उल्लेख किया, हालाँकि सिंगापुर और मलेशिया ने इसका विरोध किया।
सूरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान का समर्थन किया कि आतंकवाद का कोई देश या धर्म नहीं होता।

पूर्व भारतीय राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका दोनों की नाकेबंदी पूरी तरह गैरकानूनी है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के राज तथा नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का सीधा उल्लंघन है। संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र में भारत के पूर्व राजदूत सूरी ने चेताया कि इस संकट का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और स्थिति को 28 फरवरी से पहले की अवस्था में वापस लाना अनिवार्य है।

होर्मुज स्ट्रेट पर कानूनी स्थिति

सूरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नई दिल्ली की प्रतिक्रिया अब तक मौन-सी रही है। सूरी की यह चेतावनी कि ईरान होर्मुज पर टोल लगा सकता है और इंडोनेशिया मलक्का पर, एक खतरनाक 'डॉमिनो इफेक्ट' की ओर संकेत करती है जिसके लिए भारत के पास अभी कोई ठोस बहुपक्षीय रणनीति नहीं दिखती।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका की नाकेबंदी गैरकानूनी क्यों है?
पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और 'यूएन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ सी' (UNCLOS) के तहत किसी भी देश के लिए इस पर एक्सेस रोकना या टोल लगाना गैरकानूनी है। उल्लेखनीय है कि न ईरान ने और न ही अमेरिका ने UNCLOS पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट संकट का भारत पर क्या असर पड़ रहा है?
सूरी के अनुसार इस संकट का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है क्योंकि भारत खाड़ी देशों से बड़े पैमाने पर आयात और निर्यात करता है। यदि ईरान होर्मुज पर टोल या मैनेजमेंट फीस लगाता है, तो भारत की शिपिंग लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पूर्व राजदूत सूरी ने होर्मुज संकट के समाधान के लिए क्या सुझाया?
सूरी ने माँग की कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति 28 फरवरी से पहले जैसी बहाल हो, जब जहाज बिना रोक-टोक के आ-जा सकते थे। उन्होंने भारत, यूरोपीय देशों, ऑस्ट्रेलिया और अन्य मध्यम शक्तियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
ईरान-अमेरिका संघर्ष में रणनीतिक बढ़त किसकी है?
सूरी के विश्लेषण के अनुसार, सैन्य (tactical) दृष्टि से अमेरिका ने जीत हासिल की है, लेकिन रणनीतिक (strategic) दृष्टि से ईरान आगे है क्योंकि उसने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ का वैश्विक महत्व साबित कर दिया है।
मलक्का स्ट्रेट पर टोल की चर्चा क्यों हो रही है?
सूरी ने बताया कि इंडोनेशिया के एक मंत्री ने मलक्का स्ट्रेट पर टोल लगाने की संभावना जताई है, जो होर्मुज संकट से प्रेरित है। हालाँकि सिंगापुर और मलेशिया ने इसका विरोध किया है, सूरी ने चेताया कि 'जिन्न बोतल से बाहर आ चुका है।'
राष्ट्र प्रेस
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