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क्या बंगाल में तृणमूल विधायक के नेतृत्व में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ हुई?

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क्या बंगाल में तृणमूल विधायक के नेतृत्व में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ हुई?

सारांश

फरक्का में तृणमूल विधायक मोनिरुल इस्लाम के नेतृत्व में भीड़ ने बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की। दो लोग गिरफ्तार हुए हैं और इस घटना ने चुनाव आयोग की सुनवाई प्रक्रिया में बाधा डाली है। जानें इस विवाद का पूरा सच।

मुख्य बातें

तृणमूल विधायक मोनिरुल इस्लाम के नेतृत्व में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ हुई।
दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण सुनवाई स्थगित कर दी गई।
घटना के बाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई।
भाजपा विधायक ने इसे तृणमूल का असली चेहरा बताया।

कोलकाता, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का से तृणमूल कांग्रेस के विधायक मोनिरुल इस्लाम के नेतृत्व में एक उग्र भीड़ ने फरक्का ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के कक्ष में तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद, बुधवार को दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई इस तोड़फोड़ के कारण मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई स्थगित कर दी गई, जो कि बीडीओ कार्यालय में चल रही थी।

घटना के बाद, फरक्का के बीडीओ ने फरक्का पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम (पीडीपीपी), 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। तोड़फोड़ में कथित संलिप्तता के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

दिन की शुरुआत में, विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ और बर्बरता की, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एसआईआर की सुनवाई के नाम पर आम जनता को परेशान किया जा रहा है।

चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई। भीड़ ने एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया, जिसके कारण बाद में सुनवाई रोकनी पड़ी।

तृणमूल विधायक मोनिरुल इस्लाम ने कहा कि मतदाता जानकारी में मामूली सी गलतियों के लिए लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाते हुए दावा किया कि दस्तावेज़ सत्यापन केवल अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों से ही मांग जा रहा है।

इस्लाम ने कहा, "यहां टीएमसी के झंडे नहीं हैं। यह एक स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन है। मैं चुनाव आयोग के प्रतिशोधी रवैये का विरोध कर रहा हूं। जरूरत पड़ने पर मैं पुलिस कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हूं।"

इस घटनाक्रम के बाद मुर्शिदाबाद से भाजपा विधायक गौरी शंकर घोष ने कहा, "यह तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा है। एसआईआर प्रक्रिया में खामियां निकालने वाले केवल यही लोग हैं। इनकी धृष्टता तो देखिए। इन्होंने बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की। हम आज की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे राज्य का है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
क्या इस घटना से चुनाव आयोग की सुनवाई प्रभावित हुई?
हां, इस घटना के कारण मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण सुनवाई स्थगित कर दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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