असम में रसोई गैस की आपूर्ति पर कोई चिंता नहीं: मुख्यमंत्री सरमा
सारांश
Key Takeaways
- असम में LPG की कोई कमी नहीं है।
- सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
- लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
- भारत ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई देशों से संपर्क किया है।
- पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है।
गुवाहाटी, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राज्य में रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की आपूर्ति पर असर डालने की चिंता व्यक्त की जा रही थी।
मीडिया से बातचीत करते हुए सरमा ने कहा, “असम में कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है। लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कई देशों के साथ संपर्क साधा है। भारत का ऊर्जा आयात नेटवर्क विविध है और केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठा रही है ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से गैस की खरीद जारी रखें।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यदि इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ता है, तो तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
भारत अपनी एलपीजी आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति में किसी भी रुकावट को लेकर घरेलू बाजार में चिंता बढ़ जाती है।
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और असम में वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है। राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों और पेट्रोलियम कंपनियों के साथ समन्वय कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में लगी हुई है।