मध्य पूर्व के तनाव का नेपाल में रसोई गैस पर प्रभाव: आधे सिलेंडर भरने का आदेश

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मध्य पूर्व के तनाव का नेपाल में रसोई गैस पर प्रभाव: आधे सिलेंडर भरने का आदेश

सारांश

नेपाल सरकार ने बढ़ते मध्य पूर्व तनाव के बीच रसोई गैस की राशनिंग का निर्णय लिया है। उपभोक्ताओं के सिलेंडरों में अब केवल आधी गैस भरी जाएगी, ताकि गैस की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके। जानें इस फैसले के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।

मुख्य बातें

नेपाल सरकार ने रसोई गैस की राशनिंग की घोषणा की है।
उपभोक्ताओं के सिलेंडरों में केवल आधी मात्रा में गैस भरने का आदेश दिया गया है।
यह कदम मध्य पूर्व में तनाव के चलते उठाया गया है।
सरकार ने गैस की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
लोगों में गैस कमी की आशंका के चलते घबराहट है।

काठमांडू, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में तनाव और संभावित आपूर्ति संकट की चिंताओं के बीच, नेपाल सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) की राशनिंग का निर्णय लिया है। नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने घोषणा की है कि देश में गैस की लगातार उपलब्धता को बनाए रखने के लिए अब उपभोक्ताओं के खाली सिलेंडरों में केवल आधी मात्रा में गैस भरी जाएगी।

यह नया नियम शुक्रवार से लागू होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया जा रहा है ताकि मौजूदा गैस भंडार अधिक समय तक चल सके और देश में किसी भी प्रकार की किल्लत उत्पन्न न हो।

इस नियम का प्रभाव घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट्स पर भी पड़ेगा। साथ ही, यह भी बताया गया कि ऊर्जा की बचत करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है, जबकि आयात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन की बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था। इसमें २०१५ और २०२० के अनुभवों को दोहराया गया, जब देश में कुकिंग गैस की कमी का सामना करना पड़ा था।

नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के उप निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने कहा, "इंडस्ट्री मिनिस्ट्री और कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने हफ्तों तक कुकिंग गैस सिलेंडर की कमी की बढ़ती शिकायतों पर चर्चा की। अब आम १४.२ किलोग्राम के बजाय ७.१ किलोग्राम कुकिंग गैस बेची जाएगी।"

सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि नेपाल में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है, लेकिन फिर भी लोगों में कमी की आशंका के चलते घबराहट देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग रिफिलिंग प्लांटों के बाहर गैस भरवाने के लिए लंबी कतारें लगाकर खड़े हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों में गैस रिफिलिंग केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने घरों के लिए गैस सिलेंडर भरवा सकें। सरकार का कहना है कि यदि यह घबराहट जारी रहती है तो आपूर्ति प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

नेपाल की ऊर्जा जरूरतें मुख्यतः आयात पर निर्भर हैं, खासकर पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से भारत के माध्यम से होती है। नेपाल अपनी ज्यादातर ईंधन आवश्यकताएँ भारत से आयात करता है और इन्हें भारतीय सीमा से सड़क मार्ग से देश के विभिन्न भागों में पहुँचाया जाता है।

भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर मध्य पूर्व में संघर्ष की स्थिति, ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इसी संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए नेपाल सरकार ने यह एहतियाती कदम उठाया है ताकि सीमित भंडार का संतुलित रूप से उपयोग किया जा सके और देश में अचानक गैस संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में रसोई गैस की राशनिंग कब से लागू होगी?
यह नियम शुक्रवार से लागू होगा।
क्या राशनिंग का यह नियम सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगा?
हाँ, यह घरेलू और होटल तथा रेस्टोरेंट उपयोगकर्ताओं दोनों पर लागू होगा।
नेपाल अपने गैस की आपूर्ति के लिए किस पर निर्भर है?
नेपाल मुख्य रूप से भारत से गैस की आपूर्ति पर निर्भर है।
राष्ट्र प्रेस
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