कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति 31 मार्च से फिर से शुरू, केंद्र से मदद की अपील
सारांश
Key Takeaways
- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति 31 मार्च से पुनः आरंभ होगी।
- राज्य सरकार ने होटल मालिकों को आश्वासन दिया है।
- केंद्र से मदद की अपील की गई है।
- गैस एजेंसियों को समय सीमा के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराना होगा।
- संकट के कारण लोगों में आक्रोश है।
बेंगलुरु, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने होटल मालिकों को यह आश्वासन दिया है कि वितरण मंगलवार से फिर से प्रारंभ होगा। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से कमी को दूर करने का आग्रह किया।
मीडिया के समक्ष मुनियप्पा ने कहा कि कमर्शियल कुकिंग गैस के आवंटन के आदेश रविवार को जारी किए गए थे। उन्होंने बताया कि आदेश आज वितरकों के पास पहुंच जाएगा और मंगलवार से एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हालांकि, बंद हुई आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से चालू होने में कुछ समय लग सकता है।
केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुनियप्पा ने कहा कि इस संकट का समाधान केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लोगों को लकड़ी और इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव छोड़कर एलपीजी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था। अगर अचानक प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो इस मामले का समाधान केंद्र सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि होटल और संबंधित उद्योग एलपीजी की सुनिश्चित आपूर्ति पर निर्भर हैं। यदि आपूर्ति अचानक बंद कर दी जाती है, तो वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। मैं प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से सुनिश्चित आपूर्ति की अपील करता हूं।
गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित समय सीमा के बाद भी सिलेंडर की आपूर्ति न करने की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुनियप्पा ने स्पष्ट किया कि एजेंसियों को शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद बुकिंग स्वीकार करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसियां सिलेंडर उपलब्ध कराने में विफल रहती हैं, तो उपभोक्ता संबंधित गैस कंपनियों में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या क्षेत्र प्रबंधकों से संपर्क कर सकते हैं।
अपनी अपील को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र को इस मुद्दे का समाधान करने और जन असंतोष को रोकने के लिए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संकट ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा किया है और तत्काल उपायों की आवश्यकता है।