कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी, मंत्री ने होटल-रेस्तरां से सहयोग की अपील की

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कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी, मंत्री ने होटल-रेस्तरां से सहयोग की अपील की

सारांश

कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी के चलते मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने स्थिति के सुधार के लिए उपायों की जानकारी साझा की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी है।
मंत्री ने होटल और रेस्टोरेंट मालिकों से सहयोग की अपील की है।
सरकार स्थिति को सुधारने के लिए प्रयासरत है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।
आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

बेंगलुरु, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने बुधवार को विधान परिषद में जानकारी दी कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी हो गई है। उन्होंने होटल मालिकों, रेस्टोरेंट संचालकों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि नई आपूर्ति आने तक एक सप्ताह तक सहयोग करें।

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में सप्लाई में रुकावटों के चलते होटल, ढाबों, उद्योगों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीमित संख्या में ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में प्रतिदिन लगभग 40,000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 1,000 सिलेंडर ही होटलों को दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति जल्द ही सुधर सकती है क्योंकि एलपीजी लेकर आने वाले जहाज रास्ते में हैं। मुनियप्पा ने कहा, “लगभग 16 जहाज ईरान में कतार में हैं। जैसे ही वे पहुंचेंगे, समस्या का समाधान हो जाएगा। केंद्र सरकार इस विषय पर ईरान से बातचीत कर रही है।”

मंत्री ने इस स्थिति को “युद्ध जैसी” बताते हुए होटल मालिकों से आग्रह किया कि वे अस्थायी रूप से इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को अपनाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार 10,000 से 15,000 सिलेंडरों की व्यवस्था करने का प्रयास कर रही है और वितरण को लेकर एसोसिएशनों से बातचीत जारी है।

मुनियप्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। राज्य में प्रतिदिन 3.5 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की खपत हो रही है और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सहित अन्य तेल कंपनियां उनकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य को प्रतिदिन लगभग 44,000 कमर्शियल सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार अभी केवल 20 प्रतिशत यानी करीब 8,500 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके बावजूद राज्य ने लगभग 9,000 सिलेंडरों की व्यवस्था की है।

सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए लगभग 4,200 सिलेंडर शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और अस्पतालों को आवंटित किए हैं। वहीं करीब 1,200 सिलेंडर सरकारी उपक्रमों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नंदिनी आउटलेट और इंदिरा कैंटीन जैसे स्थानों को दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, लगभग 500 सिलेंडर बीज प्रसंस्करण, फूड प्रोसेसिंग, कृषि एवं संबंधित उद्योगों, जियोलॉजिकल पार्क और स्पोर्ट्स हॉस्टलों को आवंटित किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और केंद्र व तेल कंपनियों के साथ मिलकर जल्द ही कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी का कारण क्या है?
सप्लाई में बाधाएं और ईरान से आने वाले जहाजों की प्रतीक्षा के कारण यह कमी हो रही है।
सरकार इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार 10,000 से 15,000 सिलेंडरों की व्यवस्था करने का प्रयास कर रही है और एसोसिएशनों से बातचीत कर रही है।
क्या घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी है?
नहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।
कर्नाटक में कमर्शियल सिलेंडरों की दैनिक आवश्यकता कितनी है?
राज्य में लगभग 44,000 कमर्शियल सिलेंडरों की दैनिक आवश्यकता है।
सरकार ने आवश्यक सेवाओं के लिए कितने सिलेंडर आवंटित किए हैं?
सरकार ने लगभग 4,200 सिलेंडर शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के लिए आवंटित किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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