ओडिशा होटल एसोसिएशन ने केंद्र से एलपीजी सप्लाई बहाली की की मांग
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी की आपूर्ति में कमी से होटल और रेस्टोरेंटों को प्रभावित हो रहा है।
- आतिथ्य उद्योग और पर्यटन को खतरा है।
- सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
- यह स्थिति रोजगार और राज्य राजस्व पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
- अधिकृत हस्तक्षेप से पर्यटन क्षेत्र की सेवाएं सुचारू रह सकती हैं।
भुवनेश्वर, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एचआरएओ) ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को तुरंत बहाल करने की मांग की है।
एचआरएओ ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को संबोधित एक पत्र में कहा है कि हाल के समय में एलपीजी आपूर्ति में आई रुकावटों के कारण आतिथ्य उद्योग के संचालन में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। होटल और रेस्टोरेंट अपने दैनिक रसोई कार्यों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों पर अत्यधिक निर्भर हैं। अचानक एलपीजी गैस की आपूर्ति में कमी के कारण कई रेस्टोरेंट और होटल में भोजन तैयार करने में मुश्किलें आ रही हैं।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि एलपीजी की कमी के परिणामस्वरूप होटल बंद होने, बुकिंग रद्द होने और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भारत के पर्यटन प्रोत्साहन प्रयासों को नुकसान हो सकता है। होटल और रेस्टोरेंट उद्योग रोजगार, राज्य राजस्व, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और परिवहन जैसे कई संबंधित उद्योगों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
एचआरएओ के अध्यक्ष डॉ. जेके मोहंती ने संकट के आर्थिक प्रभावों पर जोर देते हुए कहा कि हजारों कर्मचारियों और विक्रेताओं की आजीविका खतरे में है। उन्होंने आग्रह किया कि मंत्रालय का समय पर हस्तक्षेप परिचालन में बाधाओं को रोकने में मदद करेगा, ताकि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र सुचारू रूप से सेवाएं प्रदान कर सके।
पत्र की प्रतियां केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा, मुख्य सचिव अनु गर्ग और एफएचआरएआई तथा होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्षों को भी भेजी गई हैं। एसोसिएशन ने उम्मीद व्यक्त की है कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से आतिथ्य क्षेत्र की सुरक्षा होगी और भारत की वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में प्रतिष्ठा बनी रहेगी।