सेंसेक्स 694 अंक टूटा, निफ्टी 23,963 पर; अमेरिकी फेड की स्थिर दरों और वैश्विक कमजोरी का असर

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सेंसेक्स 694 अंक टूटा, निफ्टी 23,963 पर; अमेरिकी फेड की स्थिर दरों और वैश्विक कमजोरी का असर

सारांश

अमेरिकी फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरें 3.5–3.75%25 पर स्थिर रखीं और मध्य पूर्व तनाव को आर्थिक अनिश्चितता का कारण बताया — इसके असर से सेंसेक्स 694 अंक टूट गया। ऑटो से लेकर बैंकिंग तक लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे, और विदेशी निवेशकों ने ₹2,468 करोड़ से अधिक की निकासी की।

Key Takeaways

  • BSE सेंसेक्स सुबह 9:17 बजे तक 694 अंक (0.90%25) गिरकर 76,801 पर था।
  • NSE निफ्टी 210 अंक (0.87%25) की कमजोरी के साथ 23,963 पर कारोबार कर रहा था।
  • फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने दरें 3.5–3.75%25 पर स्थिर रखीं; मध्य पूर्व तनाव को अनिश्चितता का कारण बताया।
  • FII ने बुधवार को इक्विटी से ₹2,468.42 करोड़ निकाले; DII ने ₹2,262.17 करोड़ का निवेश किया।
  • निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे अधिक दबाव में रहे; केवल बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस गेनर्स रहे।
  • निफ्टी मिडकैप 100 647 अंक (1.07%25) गिरकर 59,695 पर आया।

मुंबई, 30 अप्रैल — कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:17 बजे IST पर BSE सेंसेक्स 694 अंक यानी 0.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,801 पर और NSE निफ्टी 210 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,963 पर कारोबार कर रहा था। यह गिरावट तब आई जब फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने मध्य पूर्व तनाव और महंगाई के दबाव का हवाला देते हुए दरों को 3.5–3.75 प्रतिशत पर बरकरार रखा।

मुख्य घटनाक्रम

शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांकों ने किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी एफएमसीजी सहित करीब सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 647 अंक यानी 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,695 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 100 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,993 पर था।

सेंसेक्स पैक में हारने-जीतने वाले शेयर

सेंसेक्स पैक में इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, बीईएल, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख लूजर्स रहे। केवल बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस ही गेनर्स की श्रेणी में रहे, जो दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक था।

वैश्विक बाजारों की स्थिति

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। टोक्यो, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। केवल शंघाई मामूली तेजी के साथ अपवाद रहा। बुधवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए — प्रमुख सूचकांक डाओ जोन्स में 0.57 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव जारी है, जिससे वैश्विक महंगाई के दबाव में इजाफा हो रहा है।

एफआईआई और डीआईआई का रुख

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को इक्विटी बाजार से ₹2,468.42 करोड़ की निकासी की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,262.17 करोड़ का निवेश किया, जिससे गिरावट को कुछ हद तक सहारा मिला। यह प्रवृत्ति हाल के हफ्तों में देखे जा रहे पैटर्न के अनुरूप है, जहाँ विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और घरेलू संस्थाएँ बाजार को थामने में भूमिका निभा रही हैं।

आगे क्या देखें

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फेड के आगामी संकेत और मध्य पूर्व की स्थिति अल्पकालिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। घरेलू स्तर पर तिमाही नतीजों का सीजन जारी है, जो बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है।

Point of View

लेकिन जेरोम पॉवेल का मध्य पूर्व तनाव को महंगाई के कारण के रूप में उद्धृत करना संकेत देता है कि दर कटौती की समयसीमा और आगे खिसक सकती है — जो उभरते बाजारों के लिए दोहरी मार है। भारत में FII की ₹2,468 करोड़ की निकासी इस वैश्विक जोखिम-विमुखता का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब है। चिंता की बात यह है कि DII का ₹2,262 करोड़ का काउंटर-निवेश गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रहा, जो दर्शाता है कि दबाव की गहराई सामान्य से अधिक है। जब तक भू-राजनीतिक स्थिरता और फेड की नीति में स्पष्टता नहीं आती, बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

30 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल द्वारा ब्याज दरें 3.5–3.75%25 पर स्थिर रखने और मध्य पूर्व तनाव के कारण आर्थिक परिदृश्य अनिश्चित बताने के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोरी आई। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स 694 अंक टूट गया।
आज सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ पर थे?
सुबह 9:17 बजे BSE सेंसेक्स 694 अंक (0.90%25) गिरकर 76,801 पर और NSE निफ्टी 210 अंक (0.87%25) की कमजोरी के साथ 23,963 पर था। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों पर क्या फैसला किया?
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरें 3.5%25 से 3.75%25 के बीच स्थिर रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण आर्थिक परिदृश्य अस्थिर है और महंगाई का दबाव बना हुआ है।
FII और DII ने बुधवार को कितना निवेश या निकासी की?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को इक्विटी बाजार से ₹2,468.42 करोड़ की निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,262.17 करोड़ का निवेश किया।
आज बाजार में कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे बड़े लूजर्स रहे। इसके अलावा निफ्टी प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा, रियल्टी, मेटल और एफएमसीजी सहित लगभग सभी सूचकांक लाल निशान में थे। केवल बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस गेनर्स रहे।
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