बलूचिस्तान में कथित फर्जी मुठभेड़: आमिर नूर की हत्या, दो महिलाएं जबरन गायब — मानवाधिकार संगठनों के गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) और बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने 30 अप्रैल 2026 को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केच जिले के निवासी आमिर नूर की कथित तौर पर गैर-न्यायिक हत्या की गई और उसी जिले की दो बलूच महिलाओं — जुबैदा और उनकी बहू जरनाज — को जबरन गायब कर दिया गया। इन घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उनसे जुड़े कथित डेथ स्क्वॉड पर आरोप लगाए गए हैं, हालाँकि पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आमिर नूर की कथित हत्या का घटनाक्रम
एचआरसीबी के अनुसार, केच जिले के तुंप क्षेत्र निवासी आमिर नूर 28 अप्रैल 2026 को अपनी पत्नी और बहन के साथ इलाज के लिए कराची जा रहे थे। रास्ते में उनकी बस को रोककर हथियारबंद लोगों ने उन्हें नीचे उतारा और गोलीबारी कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस हमले में उनकी पत्नी और बहन भी घायल हुईं।
संगठन ने दावा किया कि आमिर नूर को पहले 4 नवंबर 2024 को पाकिस्तानी बलों ने कथित तौर पर जबरन हिरासत में लिया था। लंबे समय तक बंदी बनाए रखने के बाद उन्हें 24 अप्रैल 2026 को रिहा किया गया था — और रिहाई के मात्र चार दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई।
रिहाई के बाद निशाना बनाए जाने का गंभीर पैटर्न
एचआरसीबी ने चिंता जताते हुए कहा कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 11 लोगों को जबरन गायब किए जाने के बाद रिहाई मिलने पर निशाना बनाया गया। इनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति हमले में बच गया।
संगठन ने कहा कि इन घटनाओं को कथित तौर पर स्थानीय डेथ स्क्वॉड ने अंजाम दिया, जिससे रिहाई के बाद भी लगातार उत्पीड़न को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित न्यायेतर हत्याओं के मामले वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चिंता का विषय रहे हैं।
दो महिलाओं के जबरन गायब किए जाने का मामला
बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने बताया कि केच जिले के तेजाबान इलाके में मंगलवार देर रात छापेमारी के दौरान जुबैदा और उनकी बहू जरनाज को पाकिस्तानी बलों ने कथित तौर पर हिरासत में ले लिया। तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है।
फोरम ने बताया कि इससे पहले जुबैदा के बेटे दौलत की 18 फरवरी को कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड द्वारा हत्या किए जाने का आरोप है। अब उनकी माँ और पत्नी के गायब होने से परिवार की पीड़ा और गहरी हो गई है। बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि इन घटनाओं से प्रभावित परिवारों में डर, अनिश्चितता और मानसिक तनाव बढ़ा है।
मानवाधिकार संगठनों की माँग
बलूच महिला फोरम ने स्पष्ट कहा कि जबरन गायब किया जाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और यह बुनियादी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। संगठन ने संबंधित संस्थाओं से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की माँग की है, ताकि ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें और प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है और पाकिस्तान सरकार पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग तेज हो रही है।