कर्नाटक में एलपीजी संकट: मंत्री मुनियप्पा ने उच्चस्तरीय बैठक का किया ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी संकट को लेकर मंत्री मुनियप्पा की सक्रियता।
- उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों की उपस्थिति।
- कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।
- राज्य में छोटे व्यवसायों पर संकट का प्रभाव।
- बीपीएल राशन कार्ड की समीक्षा और सुधार प्रक्रिया।
बेंगलुरु, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक में चल रहे एलपीजी संकट के समाधान के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने आज उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार सक्रिय कदम उठा रही है।
मुनियप्पा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बैठक सुबह 10:30 बजे होगी, जिसमें सभी अधिकारी पूरी जानकारी के साथ उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा, "ऑटो चालकों की आजीविका एलपीजी पर निर्भर है, इसलिए उन्हें निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है। मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर गैस की प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की मांग की है।"
एलपीजी की कालाबाजारी के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में वे गृह मंत्री जी. परमेश्वर से चर्चा करेंगे और प्रवर्तन को तेज करने के निर्देश देंगे।
मुनियप्पा ने बताया कि विभाग लीगल मेट्रोलॉजी विंग के साथ मिलकर छापेमारी करेगा। साथ ही, तेल कंपनियों के अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया गया है ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि एलपीजी की कमी से राज्य के हजारों छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है और इसे केंद्र का "सौतेला व्यवहार" बताया।
मंत्री ने यह भी कहा कि संसद में पहले घोषित योजनाओं- जैसे अपर भद्रा परियोजना, झीलों की सफाई और पेरिफेरल रिंग रोड के लिए राज्य को अभी तक धन जारी नहीं किया गया है।
मुनियप्पा ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग होटल और छोटे भोजनालयों पर निर्भर हैं। अगर गैस की आपूर्ति नहीं होगी, तो उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा। इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखने और जवाब का इंतजार करने की बात भी कही।
बीपीएल राशन कार्ड के मामले में मुनियप्पा ने स्पष्ट किया कि असली पात्रों को सूची से नहीं हटाया गया है। जिन लोगों के नाम गलती से हटे हैं, वे तहसीलदार से संपर्क कर अपने कार्ड बहाल करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए सूची की समीक्षा कर रही है। कई एपीएल कार्डधारकों को बीपीएल में शामिल किया गया था, जिसे चरणबद्ध तरीके से ठीक किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में बीपीएल कार्ड नियमों के उल्लंघन में जारी किए जाने के संकेत मिले हैं, इसलिए डेटा की व्यापक समीक्षा की जा रही है, ताकि केवल पात्र लोगों को ही इसका लाभ मिल सके।