उत्तर प्रदेश के व्यक्ति की ओडिशा में 71.74 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी में गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- ऑनलाइन निवेश में सतर्कता आवश्यक है।
- धोखाधड़ी के मामलों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है।
- पुलिस ने प्रभावी ढंग से कार्रवाई की है।
- साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
- महिलाओं को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए।
भुवनेश्वर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को जानकारी दी कि कमिश्नरेट पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति को ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस धोखाधड़ी में कुल 71.74 लाख रुपए की ठगी की गई थी।
आरोपी की पहचान हरशित कांत पांडे (26) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का निवासी है। उसे एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, जो नंदनकानन क्षेत्र, भुवनेश्वर की सुजाता साहू द्वारा अपनी बहन दीप्ति साहू की ओर से दर्ज की गई शिकायत पर आधारित है।
दीप्ति वर्तमान में विदेश में निवास कर रही हैं और वर्ष 2024 में भुवनेश्वर में रहते हुए एक सोशल मीडिया विज्ञापन के माध्यम से इन साइबर ठगों से संपर्क में आई थीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता को अधिक मुनाफे का लालच देकर उसकी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए उकसाया और इस प्रकार धोखाधड़ी तथा गबन का अपराध किया।
ठगों ने बार-बार शिकायतकर्ता को आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम) में बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया और दावा किया कि इससे उसे अधिक रिटर्न मिलेगा।
दीप्ति ने आरोप लगाया कि उसने साइबर ठगों के निर्देशानुसार विभिन्न खातों में कुल 71,74,664 रुपए का निवेश किया।
पैसे के लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य सुरागों की जांच के बाद साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध थाना की टीम ने सोमवार को आरोपी को उत्तर प्रदेश के कानपुर में उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया।
इसके बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया।
बुधवार को आरोपी को भुवनेश्वर की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान कमिश्नरेट पुलिस को पता चला कि पांडे को पहले भी हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर उसके खिलाफ कुल 65 शिकायतें दर्ज हैं, जो विभिन्न साइबर अपराध मामलों से संबंधित हैं।